दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कापसहेड़ा इलाके में की गई मुठभेड़ के दौरान दो बड़े अपराधियों को दबोचने में सफलता हासिल की है. गिरफ्तार अपराधियों में आकाश राजपूत (श्रीगंगानगर, राजस्थान) और महिपाल (भरतपुर, राजस्थान) शामिल हैं.
यह कार्रवाई विदेशों में बैठे गैंगस्टर्स के भारतीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से की गई थी. मुठभेड़ में आकाश राजपूत को पैर में गोली लगी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
अपराधियों का आपराधिक इतिहास और गिरफ्तारी
आकाश राजपूत असंध (करनाल) में जुलाई 2022 की फिरौती वाली गोलीबारी में शामिल था. इसके अलावा वह गुजरात में हुए अपहरण और 100 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने के केस में भी वांटेड था. राजस्थान पुलिस ने आकाश राजपूत पर 20,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. आकाश, रोहित गोदारा, गोल्डी बराड़ और वीरेंद्र चारण गैंग से जुड़ा हुआ था और विदेश भागने की तैयारी कर रहा था. महिपाल भी करनाल गोलीबारी केस में बेल पर रहते हुए इस गैंग से जुड़ गया था.
मुठभेड़ और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
स्पेशल सेल की टीम ने कापसहेड़ा इलाके में सूचनाओं के आधार पर छापेमारी की. जैसे ही अपराधियों ने भागने का प्रयास किया, पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ की. इस मुठभेड़ में आकाश राजपूत को पैर में गोली लगी. दोनों अपराधियों को तुरंत नियंत्रित कर अस्पताल और पुलिस हिरासत में लाया गया. पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में कार्रवाई तेज कर दी.
आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच
गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है. पुलिस ने दोनों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों को ध्यान में रखते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई देशभर में चल रहे अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. आगे यह भी पता लगाया जा रहा है कि अपराधियों के कौन-कौन से अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्क थे.
