ओडिशा में विपक्षी बीजू जनता दल (BJD) और कांग्रेस ने दो दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी में ‘‘असमय’’ रथ यात्रा के आयोजन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना की और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से माफी मांगने को कहा है। गुप्ता रविवार को दिल्ली के कमला नगर में रथ यात्रा के भव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के साथ शामिल हुईं। इस रथ यात्रा का आयोजन पुरी के जगन्नाथ मंदिर की सामान्य परंपरा से अलग था। पुरी में इस वर्ष 27 जून को रथ यात्रा निकाली जाएगी।

सोमवार को यहां मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, ‘‘दिल्ली की मुख्यमंत्री को असमय रथ यात्रा आयोजित करने के लिए ओडिशा के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा को भी मुख्यमंत्री से जवाब मांगना चाहिए और इस मामले पर ओडिशा के लोगों को एक स्पष्टीकरण देना चाहिए।


भाजपा पर भगवान जगन्नाथ और उनके श्रद्धालुओं का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने पूछा, ‘‘भगवान जगन्नाथ के प्रति भाजपा की भक्ति सच्ची है या नाटक है?’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि जब इस्कॉन ने पिछले साल नवंबर में अमेरिका के ह्यूस्टन में रथ यात्रा आयोजित करने की योजना बनाई थी, तब पुरी के राजा गजपति महाराजा दिव्यसिंह देब को यह पसंद नहीं आया था।

भगवान जगन्नाथ के भक्तों के कड़े विरोध के बाद इस्कॉन ने इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया था।

बीजद के वरिष्ठ नेता गौतम बुद्ध दास ने भी दिल्ली में ‘‘असमय’’ रथ यात्रा आयोजित करने को लेकर भाजपा की आलोचना की।

उन्होंने कहा, ‘‘वे (भाजपा) भगवान जगन्नाथ का नाम लेकर सत्ता में आए। लेकिन अब उन्होंने दिल्ली में असमय रथ यात्रा आयोजित की और मुख्यमंत्री ने इसका उद्घाटन किया।’’


भाजपा पर भगवान जगन्नाथ के करोड़ों भक्तों की भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने पूछा, ‘‘भाजपा का प्रदेश नेतृत्व इस घटना की निंदा क्यों नहीं कर रहा है? वे दिल्ली की मुख्यमंत्री को आगाह क्यों नहीं कर रहे हैं?’’

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा, ‘‘दिल्ली में पहले कभी ऐसा आयोजन नहीं देखा गया। दिल्ली में जगन्नाथ के सभी प्रमुख मंदिर पुरी के जगन्नाथ मंदिर की परंपरा और उसके द्वारा तय समय के अनुसार वार्षिक उत्सव का आयोजन करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि जब भी ओडिशा सरकार के सामने असामयिक रथ यात्रा आयोजित करने का मामला आता है, तो उसे रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाते हैं।

हरिचंदन ने कहा, ‘‘अगर सरकार के अनुरोध के बाद भी कोई असमय रथ यात्रा का आयोजन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’

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