कानपुर जिले में दिल्ली-प्रयागराज रेल मार्ग पर बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब रेलवे ट्रैक के बेहद करीब एक जलता हुआ एलपीजी (LPG) सिलेंडर मिला। कानपुर सेंट्रल स्टेशन से महज 2 किलोमीटर दूर कैंटोनमेंट इलाके में हुई इस घटना ने रेल प्रशासन और यात्रियों के होश उड़ा दिए। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

क्या है पूरी घटना?
बुधवार शाम करीब 7:30 बजे, जब महाबोधि एक्सप्रेस उस इलाके से गुजर रही थी, तभी ट्रैक से करीब 7 फीट की दूरी पर आग की लपटें उठती देखी गईं। जांच में पता चला कि वह 5 किलो का एक छोटा घरेलू सिलेंडर था, जिसमें भयंकर आग लगी हुई थी। शुरुआती अंदेशा है कि चलती ट्रेन से जलता हुआ सिलेंडर नीचे फेंका गया, जिससे पटरियों के पास हड़कंप मच गया।

मौके पर मिला रहस्यमयी बोरा और आधार कार्ड
पुलिस और आरपीएफ (RPF) की टीम जब मौके पर पहुंची, तो उन्हें घटनास्थल से एक अधजला बोरा बरामद हुआ। तलाशी लेने पर बोरे के अंदर से कुछ बर्तन, एक मोबाइल फोन और प्रतापगढ़ के रहने वाले ओम प्रकाश मिश्रा का आधार कार्ड मिला है। डीसीपी (ईस्ट) सत्यजीत गुप्ता के मुताबिक, मोबाइल के जरिए ओम प्रकाश के परिवार से संपर्क किया गया। पता चला है कि वे दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड हैं और अपना सारा सामान लेकर घर लौट रहे थे। माना जा रहा है कि सफर के दौरान सिलेंडर से गैस रिसाव हुआ और आग लग गई, जिसके बाद डर के मारे उसे ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया।

साजिश या महज हादसा? जांच में जुटी टीमें
हालांकि शुरुआती तौर पर यह एक दुर्घटना लग रही है, लेकिन पुलिस और फॉरेंसिक टीमें हर एंगल से जांच कर रही हैं। क्या सिलेंडर को किसी साजिश के तहत ट्रैक पर फेंका गया था या यह यात्री की लापरवाही थी? पुलिस अब शराब के सेवन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के नजरिए से भी मामले को देख रही है। फिलहाल, रेल यातायात सामान्य है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

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