दिल्ली में पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी सेवा का नया द्वार खुल गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने 23 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए दिल्ली पुलिस में पुरुष कांस्टेबल पदों के 20 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित करने का निर्णय लिया है। भर्ती नियमों में संशोधन के साथ यह कदम पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और रोजगार के अवसरों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

इस फैसले को प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली पुलिस (नियुक्ति एवं भर्ती) नियम, 1980 के नियम 9 में संशोधन किया गया है। संशोधित प्रावधानों के तहत अल्पकालिक सैन्य सेवा पूरी कर चुके अग्निवीर अब पुरुष कांस्टेबल और कार्यकारी कैडर के पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे। अधिकारियों का अनुमान है कि इस निर्णय से पूर्व सैन्यकर्मियों के आवेदन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

आयु सीमा में छूट

दिल्ली पुलिस में पुरुष कांस्टेबलों के कुल 42,451 स्वीकृत पद हैं, जिन्हें अब तक सीधे भर्ती के माध्यम से भरा जाता रहा है। नई नीति के तहत इन पदों का पांचवां हिस्सा पूर्व अग्निवीर अभ्यर्थियों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। भर्ती प्रक्रिया में आयु और शारीरिक परीक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण रियायतें भी दी गई हैं। सामान्यतः कांस्टेबल पद के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित है, लेकिन पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट प्रदान की जाएगी। अग्निवीर योजना के प्रथम बैच के अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) से छूट के साथ अधिकतम पांच वर्ष तक की आयु रियायत का लाभ मिलेगा।

अग्निवीर योजना वर्ष 2022 में युवाओं को सशस्त्र बलों में अल्पकालिक सेवा का अवसर देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। सेवा अवधि पूर्ण होने के बाद उनके पुनर्वास और रोजगार सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने गृह मंत्रालय के अंतर्गत एक विशेष प्रकोष्ठ का गठन भी किया है, जो विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अवसर उपलब्ध कराने पर कार्य कर रहा है। उत्तराखंड और हरियाणा सहित कई भाजपा शासित राज्यों ने पहले ही पुलिस और अन्य सरकारी नौकरियों में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने की घोषणा की है। अब दिल्ली पुलिस के इस कदम से प्रशिक्षित और अनुशासित पूर्व अग्निवीरों को राष्ट्रीय राजधानी में स्थायी रोजगार के अवसर मिलने की संभावना बढ़ गई है।

अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय न केवल पूर्व अग्निवीरों को सेवा के बाद स्थिर करियर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि दिल्ली पुलिस को भी प्रशिक्षित और अनुशासित मानव संसाधन प्राप्त होगा, जिससे कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।

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