दिल्ली की सड़कों पर वारदातों को अंजाम देने लिए घूमने वाले संदिग्धों की अब खैर नहीं है। उनपर नजर रखने के लिए दिल्ली पुलिस अपने बेड़े में लाइव सीसीटीवी निगरानी वाहन ‘इक्षाना’ को शामिल कर रही है। इस वाहन की खासियत यह है कि 360 डिग्री रेंज हासिल करने के लिए इसमें हर दिशाओं का कवर करने वाला आठ अत्याधुनिक एचडी कैमरा लगाया गया है और इन कैमरों की लाइव फुटेज को सीधे पुलिस कमांड रूम में देखा जा सकेगा।

इस पूरे सिस्टम को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) पर आधारित बनाया गया है, जिसे अपराधियों के डोजियर(आपराधिक रिकॉर्ड विवरण) से जोड़ा गया है, जो संदिग्ध का फुटेज रिकॉर्ड होते ही कमांड रूम को अलर्ट कर देगा। संदिग्धों की जानकारी के बारे में अलर्ट भेजने के लिए इस वाहन में फेस रिकॉग्निशन कैमरे भी लगाए गए हैं।

इस तकनीक से वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों की पहचान में मदद मिलेगी। इसमें चूंकि संदिग्ध की फुटेज का अलर्ट कमांड रूम में मिलेगा तो बदमाशों के उपलब्ध डोजियर को खंगाल कर फुटेज में आए संदिग्ध की पहचान करना आसान हो जाएगा। दरअसल यह केंद्रीय कमांड रूम से सीधे जुड़ा रहेगा तो मौके की वीडियो फुटेज भी आसानी से उपलब्ध हो जाएगी।

गणितीय एल्गोरिदम और आर्टिफिशियल इंटलीजेंस के आधार पर काम करने वाले इस सॉफ्टवेयर पर अभी यूरोप व यूके में कुछ जगहों पर इसका इस्तेमाल हो रहा है। दिल्ली पुलिस संभवत देश में पहली ऐसी पुलिस होगी, जो इस सॉफ्टवेयर पर आधारित वाहन के जरिये लाइव फुटेज मुहैया कराने वाली होगी। इन वाहनों की तैनाती विशेष तौर पर वीआईपी मूवमेंट वाली सड़कों पर होगी, ताकि संदिग्धों पर पैनी नजर रखी जा सके।

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर आधारित इन कैमरे वाले वाहन को प्रशिक्षित सीसीटीवी ऑपरेटर ही मॉनिटरिंग करेंगे। जो पुलिस मुख्यालय के सेंट्रल कमांड रूम से सीधे कनेक्ट होने वाले फीड पर पूरी नजर रखेंगे। पुलिस इस विशेष वाहन का ट्रायल रन ले भी रही है। ट्रायल पूरा होते ही इसे बेड़े में शामिल कर लिया जाएगा। कैमरों की फुटेज को सेंट्रल कमांड रूम से एक विशेष सॉफ्टवेयर के जरिये जोड़ा जा रहा है। टीम क्राइम के तौर-तरीकों पर आधारित रिपोर्ट भी तैयार कर सकेगी।

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