उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस और STF को बड़ी कामयाबी मिली है। इस मामले में अब तक 2 आरोपियों को एनकाउंटर में मार गिराया गया है और जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

48 घंटे में कार्रवाई: 2 अपराधी ढेर
घटना के बाद उत्तर प्रदेश STF और नोएडा पुलिस की संयुक्त टीम ने सिर्फ 48 घंटे के अंदर दोनों मुख्य आरोपियों अरुण और रविंद्र को एक मुठभेड़ में मार गिराया। इनके पास से तुर्की की बनी जिगाना पिस्टल और ऑस्ट्रिया की ग्लॉक पिस्टल बरामद हुई है। ये दोनों हथियार बेहद खतरनाक माने जाते हैं और कई बड़े गैंगस्टर इन्हें इस्तेमाल करते हैं।

बरेली में भेजे गए थे 5 शूटर, 4 ने दिया वारदात को अंजाम
जांच में सामने आया है कि फायरिंग की योजना विदेशों में बैठे गैंगस्टरों — गोल्डी बराड़ (कनाडा) और रोहित गोदारा (पुर्तगाल) ने बनाई थी। इन दोनों ने अपने हैंडलर के जरिए बरेली में 5 शूटर भेजे थे। सभी शूटर 11 सितंबर को बरेली आए और पंजाब होटल में रुके। हालांकि, एक शूटर की तबीयत बिगड़ने के कारण वह वापस लौट गया। बचे हुए 4 शूटर रेकी करके 12 सितंबर की सुबह फायरिंग के लिए पहुंचे।

कैसे हुई फायरिंग?
11 सितंबर को: शूटरों ने दो बाइकों पर दिशा पाटनी के घर की रेकी की। एक बाइक पर नकुल और विजय, दूसरी पर अरुण और रविंद्र थे। 12 सितंबर की सुबह करीब 3:30 बजे: रविंद्र ने दिशा पाटनी के घर के बाहर फायरिंग की। इसके बाद सभी मौके से फरार हो गए।

CM योगी ने दिया था सुरक्षा का भरोसा
फायरिंग की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिशा पाटनी के पिता और पूर्व डीएसपी जगदीश पाटनी से फोन पर बात की थी। उन्होंने परिवार को पूरी सुरक्षा का भरोसा दिया और अपराधियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए।

गैंग ने सोशल मीडिया पर ली थी जिम्मेदारी
फायरिंग के तुरंत बाद गोल्डी बराड़ गैंग ने सोशल मीडिया पर इस वारदात की जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने कहा था कि ये हमला दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी द्वारा कथावाचकों प्रेमानंद महाराज और अनिरुद्धाचार्य पर की गई टिप्पणी के बदले में किया गया है।

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