राजस्थान के जयपुर जिले के मनोहरपुर इलाके में सोमवार देर शाम एक निजी स्लीपर बस में अचानक लगी आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के रहने वाले एक पिता और उनकी बेटी की मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि 10 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। मृतकों की पहचान नसीम मियां (50) और उनकी बेटी सनम (20) के रूप में हुई है।
कैसे हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक, यह निजी बस मजदूरों से भरी हुई थी और करीब 50 से ज्यादा लोग सवार थे। बस जयपुर के मनोहरपुर इलाके के एक ईंट भट्टे की ओर जा रही थी, तभी अचानक छत पर रखा सामान हाईटेंशन तार से टकरा गया। जैसे ही तारों से करंट पास हुआ, बस में आग भड़क उठी। ऊपर रखे रसोई गैस सिलेंडर फटने लगे जिससे आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। चीख-पुकार मच गई और यात्री बाहर निकलने के लिए संघर्ष करने लगे।
परिवार के सामने हुई त्रासदी
सबसे दर्दनाक बात यह थी कि नसीम की पत्नी नजमा, बेटे राजा और फैजान, तथा छोटी बेटी सेहरुन भी उसी बस में सवार थे। उन्होंने अपनी आंखों के सामने नसीम और सनम को लपटों में घिरते देखा, लेकिन कुछ कर नहीं सके। परिवार समेत कई मजदूर उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के शेरपुर कलां गांव के रहने वाले थे, जो पिछले तीन सालों से मनोहरपुर में मजदूरी कर रहे थे।
घायलों का इलाज जारी
अपर पुलिस अधीक्षक तेजपाल सिंह ने बताया कि बस में लगी आग पर काबू पाने के लिए तुरंत दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने के बाद राहत कार्य शुरू किया गया। घायल मजदूरों को नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जांच में जुटी पुलिस
मनोहरपुर थाना पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस की छत पर सामान रखने के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया था। वहीं, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मृतकों के गांव में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने परिजनों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
