शामली जिले में शनिवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक लाख के इनामी बदमाश मोहम्मद नफीस को मार गिराया गया। यह मुठभेड़ भाभीसा गांव के पास हुई, जहां पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे घेरा था। जब पुलिस ने नफीस को सरेंडर करने को कहा, तो उसने जवाब में फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस की जवाबी गोलीबारी में वह घायल हो गया और अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई।

कौन था मोहम्मद नफीस?
नफीस शामली के कांधला थाना क्षेत्र के मोहल्ला खैल का रहने वाला था। उसके खिलाफ लूट, हत्या, डकैती जैसे 34 आपराधिक मामले दर्ज थे। वह पिछले 3 साल से फरार था और पुलिस की गिरफ्त से लगातार बचता आ रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर डीजीपी उत्तर प्रदेश ने ₹1 लाख का इनाम घोषित किया था।

कैसे हुआ एनकाउंटर?
पुलिस को इनपुट मिला था कि नफीस शामली में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। पुलिस की चार टीमों ने मिलकर इलाके में घेराबंदी की। जैसे ही नफीस को अहसास हुआ कि वह फंस गया है, उसने भाभीसा चौकी के पास फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसे गोली लग गई और वह गिर पड़ा। घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

क्या-क्या बरामद हुआ?
– एक .32 बोर की पिस्टल
– एक .315 बोर का तमंचा
– 7 जिंदा कारतूस
– एक मोटरसाइकिल
ये सभी चीजें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दी गई हैं।

पुलिस की बड़ी कामयाबी
शामली के एसपी एनपी सिंह ने बताया कि जिले में सक्रिय सभी वांछित अपराधियों की सूची तैयार की जा चुकी है। उन्हें पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। नफीस की मौत इस अभियान की बड़ी सफलता है।

पुलिस की रडार पर था नफीस
पुलिस को एक महीने से उसके मूवमेंट की खबरें मिल रही थीं। वह बार-बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था। मगर आखिरकार भाभीसा में सुबह-सुबह उसे घेरकर मार गिराया गया।

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