मध्य प्रदेश के ग्वालियर में फैमिली कोर्ट में तलाक का अनोखा केस आया है। एक शख्स अपनी पत्नी को तलाक देकर ट्रांसजेंडर बनेगा। ट्रांसजेंडर बनने के लिए वह अपनी पत्नी और 3 साल के बेटे से रिश्ता तोड़ना चाहता है। तलाक का केस दायर करने वाला शख्स राजस्थान के टोंक जिले का निवासी है और वह समलैंगिक है। 21 नवंबर 2019 को ग्वालियर निवासी लड़की से उसकी शादी हुई थी। पति के समलैंगिक होने और उसकी ट्रांसजेंडर बनने की इच्छा जानने के बाद पत्नी तलाक के लिए सहमत हो गई है। तलाक के बदले शख्स पत्नी को 3 लाख रुपये और गहने लौटाएगा। तलाक फाइनल होने के बाद शख्स जेंडर चेंज कराकर महिला बनेगा। इस केस की पूरी कोर्ट में और पूरे शहर में चर्चा हो रही है।
पति-पत्नी आपसी सहमति से ले रहे तलाक
शख्स के वकील धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि तलाक का अजीबो-गरीब केस मिला है। राजस्थान निवासी शख्स ने पत्नी से तलाक मांगा है और पत्नी तलाक देने को राजी भी हो गई है। केस दायर करते समय शख्स ने बताया कि नवंबर 2019 में शादी के बाद पत्नी रजनी के साथ विवाद होने लगे थे। 2 नवंबर 2021 को रजनी ने एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन विवाद इतना बढ़ गया कि रजनी ससुराल छोड़कर ग्वालियर अपने मायके चली गई। 31 दिसंबर 2023 से रजनीत बेटे को लेकर पति से अलग रह रही है और अब दोनों आपसी सहमति से तलाक ले रहे हैं। दोनों के बीच तलाक को लेकर बनी सहमति का डॉक्यूमेंट भी रजिस्टर्ड हो गया है। शख्स ने रजनी और बच्चे को 3 लाख रुपये देने और शादी के समय मिला सामान, जेवरात लौटाने का वादा किया है।
मेडिकल एक्सपर्ट ने बताया मानसिक बीमारी
वकील ने बताया कि पति तलाक इसलिए ले रहा है, क्योंकि वह समलैंगिक है और तलाक के बाद मेडिकल ट्रीटमेंट लेते हुए महिला ट्रांसजेंडर बनेगा। वहीं मामले को लेकर जब मेडिकल एक्सपर्ट से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अचानक से किसी व्यक्ति के मन मे ट्रांसजेंडर बनने से जुड़ी साइक्लोजी का जन्म लेना ‘जेंडर आईडेंटिटी डिसऑर्डर’ हो सकता है, जो एक तरह की मानसिक बीमारी होती है। इसमें शरीर तो आदमी का होता है, लेकिन मन महिलाओं जैसा हो जाता है।
