मांडल-ब्यावर मार्ग पर हरिपुरा चौराहे के निकट बुधवार तड़के मादक पदार्थ ले जा रही कार आगे चल रहे पट्टियों से भरे ट्रक में घुस गई। हादसे में कार सवार जीजा-साले की मौत हो गई। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मांडल पुलिस ने कार से पांच प्लास्टिक कट्टों में 91 किलो डोडा चूरा बरामद किया। यह चित्तौड़गढ़ जिले से लाया जा रहा था और मारवाड़ ले जाना था। थानाप्रभारी संजय कुमार ने बताया कि ब्यावर जिले के रायपुर थाना क्षेत्र के श्यामा का बाडिया निवासी भेराराम देवासी (35), सबलपुरा निवासी मांगीलाल (38) देवासी कार से ब्यावर जा रहे थे। हरिपुरा चौराहे के निकट आगे चल रहे ट्रक में कार घुस गई। कार सवार दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। शव गाड़ी में फंस गए। हादसे के बाद हाईवे पर जाम लग गया। डीएसपी मेघा गोयल व मांडल थाने से जाप्ता मौके पर पहुंचा। पुलिस ने मौके पर कार की तलाशी ली तो उसमें डोडा चूरा भरा मिला। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंपा। घटना के बाद दोनों शव मांडल उप जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। मृतकों की जेब में तीन मोबाइल मिले। इनमें दो बंद हो गए थे। जो मोबाइल चालू था, उस पर फोन घनघनाने लगे। थानाप्रभारी ने फोन उठाया तो किसी ने बात नहीं की और फोन काटने लगे। मृतक भेराराम की पत्नी का फोन आया तो थानाप्रभारी ने उसके बीमार होने की बात कही। उसके बाद गांव से लोग वहां पहुंचे। उनसे मृतक की शिनात कराई गई। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। इसकी जांच पुर थानाप्रभारी जय सुल्तान कविया को सौंपी गई।
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झारखंड के चतरा जिले में रेडबर्ड एयरवेज का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद पता चला कि इस विमान में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR), यानी वह ब्लैक बॉक्स मौजूद नहीं था, जो किसी भी विमान दुर्घटना की जांच में सबसे अहम सबूत माना जाता है। क्यों नहीं था ब्लैक बॉक्स? रेडबर्ड का हादसे में फंसा विमान Beechcraft C90 (ट्विन टर्बोप्रॉप), रजिस्ट्रेशन VT-AJV, था। इस विमान का अधिकतम टेक-ऑफ वजन 4583 किलोग्राम था और इसे 1987 में एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट मिला था। कानून के मुताबिक: 5700 किलोग्राम से ज्यादा वजन वाले विमानों में CVR अनिवार्य है। 5700 किलोग्राम या उससे कम वजन वाले मल्टी-इंजन टर्बाइन विमानों में FDR तब अनिवार्य है, जब उनका सर्टिफिकेट 1 जनवरी 1990 के बाद जारी हुआ हो। इसलिए, इस विमान में ब्लैक बॉक्स का होना उस समय नियमों के तहत जरूरी नहीं था। पायलट ने खराब मौसम के कारण रूट बदलने की मांगी थी अनुमति विमान शाम करीब 7:11 बजे रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भर रहा था। टेक-ऑफ के 23 मिनट बाद इसका एटीसी से संपर्क टूट गया और रडार पर सिग्नल गायब हो गया। पायलट ने खराब मौसम के कारण रूट बदलने की अनुमति भी मांगी थी। हादसा झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया के पास जंगल में हुआ। ब्लैक बॉक्स नहीं होने के कारण एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
Feb 26, 2026
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