अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप द्वारा भारत में प्रतिबंधित संगठन  सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ)  के अटॉर्नी जनरल  गुरपतवंत सिंह पन्नू को लिखी चिट्ठी ने अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते से कुछ दिन पहले, कथित तौर पर  ट्रंप द्वारा  पन्नू को लिखा गया एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह चिट्ठी व्हाइट हाउस के आधिकारिक लेटरहेड पर 24 जुलाई 2025 को जारी हुई । हालांकि अभी इस पत्र की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों के अनुसार इसे अमेरिका की भारत के खिलाफ नई साजिश के तौर पर देखा जा रहा है जिससे ट्रंप का भारत विरोधी चेहरा पूरी तरह बेनकाब हो गया है। और  दूसरी तरफ यह पत्र अमेरिका-भारत संबंधों को नुकसान पहुँचाने के लिए एक रणनीतिक रूप से रची गई दुष्प्रचार चाल बताया जा रहा है। 

खबरों के मुताबिक, इस चिट्ठी में ट्रंप ने पन्नू के भेजे विचारों के लिए उसे धन्यवाद दिया है। ट्रंप ने लिखा कि अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के पहले ही दिन उन्होंने विदेश सहायता और विदेश मंत्रालय के खर्चों की समीक्षा का आदेश दिया था। इसके पीछे उनका मकसद अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, नागरिकों की रक्षा और देशहित को प्राथमिकता देना था। ट्रंप ने चिट्ठी में कहा कि अगर अमेरिका मजबूत होगा तो दुनिया भी सुरक्षित और समृद्ध होगी। पत्र में बताया गया है कि ट्रंप ने अपने कार्यकाल के शुरुआती आदेशों में 90 दिनों के लिए विदेशी मदद पर रोक लगाकर टैक्स पेयर का पैसा सही दिशा में खर्च करने की योजना बनाई थी। इसके साथ ही सेना को मजबूत करने, मिसाइल सिस्टम अपग्रेड करने और उत्पादन को अमेरिका में बढ़ावा देने की बात भी कही गई है।

गौरतलब है कि भारत ने पन्नू को ‘मोस्ट वांटेड आतंकी’ और SFJ को प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन घोषित कर रखा है। पन्नू पर देशद्रोह और आतंकवाद फैलाने के गंभीर आरोप हैं। ऐसे में ट्रंप की ओर से पन्नू को मिला जवाब भारत के लिए चिंताजनक माना जा रहा है। भारत सरकार कई बार अमेरिका से पन्नू को भारत को सौंपने की मांग कर चुकी है। अब यह मामला इसलिए भी संवेदनशील हो गया है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच रिश्ते पहले मजबूत माने जाते थे। वहीं, विदेशों में बैठे कुछ सिख संगठन इस चिट्ठी को “अंतरराष्ट्रीय मान्यता” की तरह पेश कर रहे हैं। पन्नू का कहना है कि ट्रंप ने न केवल अमेरिका की, बल्कि सिखों की आवाज भी सुनी है। पन्नू ने कहा कि 17 अगस्त को सिख वोट डालेंगे और यह वोट ‘बैलेट बनाम गोली’ की जंग है  हमने गोली नहीं, वोट चुना है।इस चिट्ठी ने भारत में सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। कई लोग इसे पन्नू को ‘वैधता’ देने की कोशिश मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे अमेरिका की नीति में बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं।

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