टाटा स्टील ने शुक्रवार को कहा कि उसे वित्त वर्ष 2018-19 के लिए कर-योग्य आय का पुनर्मूल्यांकन कर उसमें 25,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी करने का आदेश मिला है। कंपनी ने इस आदेश के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया है।
टाटा स्टील ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि मूल्यांकन अधिकारी, आयकर उपायुक्त कार्यालय, सर्किल 2(3)(1), मुंबई की तरफ से 13 मार्च को जारी कारण बताओ नोटिस के बाद 31 मार्च को यह मूल्यांकन आदेश आया।
कंपनी को 13 मार्च को भेजे गए नोटिस में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए कर योग्य आय के पुनर्मूल्यांकन के उद्देश्य से वित्त वर्ष 2018-19 में 25,185.51 करोड़ रुपये की छूट से संबंधित अतिरिक्त दस्तावेज मांगे गए थे।
इस बीच 24 मार्च को कंपनी ने बंबई उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की है, जिसमें ‘पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही के संचालन में तकनीकी खामियों को चुनौती दी गई है।’
इस मुद्दे को स्पष्ट करते हुए कंपनी ने कहा कि उसने मई, 2018 में दिवाला कार्यवाही के माध्यम से पूर्ववर्ती भूषण स्टील लिमिटेड (अब टाटा स्टील बीएसएल लिमिटेड) का अधिग्रहण किया था।
इस अधिग्रहण की वजह से टाटा स्टील बीएसएल लिमिटेड (टीएसबीएसएल) के पक्ष में 25,185.51 करोड़ रुपये का ऋण माफ कर दिया गया था। बाद में, टीएसबीएसएल और बामनीपाल स्टील लिमिटेड का विलय टाटा स्टील लिमिटेड में हो गया, जो नवंबर, 2021 से प्रभावी हो गया। विलय की नियत तिथि एक अप्रैल, 2019 थी।