उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के ‘पीसीएस प्री’ और ‘आरओ एआरओ’ की परीक्षा दो दिन में संपन्न कराने के निर्णय के विरोध में अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन उग्र रूप ले लिया है। नाराज छात्रों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और यूपीपीएससी की तरफ सभी छात्र जाने लगे। इस दौरान पुलिस से कुछ छात्रों की नोकझों भी हुई। इसे लेकर पुलिस ने कांग्रेस पार्टी ने योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यूपी के इलाहाबाद में BJP सरकार छात्रों के आंदोलन को कुचलने में लगी है। पुलिस को भेजकर छात्रों के साथ जैसा बर्ताव करवाया गया वो बिलकुल सही नहीं ये बेहद शर्मनाक है। छात्रों की मांग जायज है, उन्हें सुनना चाहिए और उनकी बात माननी चाहिए।

आप को बता दें के ‘पीसीएस प्री’ और ‘आरओ एआरओ’ की परीक्षा दो दिन में संपन्न कराने के निर्णय के विरोध में अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन आज चौथे दिन भी जारी  है।  बीते शाम उन्होंने यहां कैंडल मार्च निकाला। अभ्यर्थी अपनी एक दिन एक परीक्षा की मांग पर अड़े हैं। आंदोलन कर रहे छात्र प्रत्यूश सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों के मुकाबले आज छात्रों की संख्या कम है। हालांकि, आंदोलन कर रहे छात्र ‘एक दिन, एक परीक्षा’ की अपनी मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।

आंदोलनकारी छात्र बुधवार सुबह से फिर से धरना प्रदर्शन में जुट गए और उन्होंने आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी ज्ञानेंद्र कुमार ने कहा, “जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक हम आंदोलन जारी रखेंगे चाहे यह आंदोलन एक सप्ताह चले या कई सप्ताह। आयोग के अड़ियल रवैये के खिलाफ हम कैंडल मार्च निकाल रहे हैं।” मंगलवार को उप्र लोक सेवा आयोग ने एक बयान जारी कर कहा था, ‘‘समय-समय पर प्रतियोगी छात्रों के आग्रह पर बदलते समय की जरूरतों को देखते हुए व्यवस्था/परीक्षा प्रणाली में सुधार किया जाता रहा है।”

आयोग ने कहा, ‘‘अभ्यर्थियों की सुविधा के मद्देनजर पीसीएस की मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषय हटाने का अभूतपूर्व निर्णय किया गया। इसी तरह से, अभ्यर्थियों के लंबे समय से ‘स्केलिंग’ हटाने की मांग पूरी की गई।” उप्र लोक सेवा आयोग के सचिव अशोक कुमार ने बताया था, ‘‘आयोग का दिशा निर्देश है कि सरकारी शिक्षण संस्थान को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए और केंद्र मुख्यालय से 10 किलोमीटर के दायरे में हो। इससे पूर्व जब पेपर लीक हुआ था तो इन्हीं छात्रों ने मांग उठाई थी कि निजी संस्थानों को परीक्षा केंद्र ना बनाया जाए।

उन्होंने कहा, ‘‘जब सरकार ने छात्रों की मांग पर विचार करते हुए दिशानिर्देश बनाया तो अब ये छात्र विरोध कर रहे हैं। पीसीएस परीक्षा के लिए 5,76,000 परीक्षार्थियों का पंजीकरण है, जबकि सभी 75 जिलों में 4,35,000 परीक्षार्थियों के लिए ही सेंटर मिल पा रहे हैं। ऐसे में दो दिन परीक्षा कराना मजबूरी है।” लोक सेवा आयोग के गेट के सामने धरने पर बैठे छात्रों के हाथों में अलग अलग नारे लिखी तख्तियां थीं जिसमें किसी में ‘बटेंगे नहीं, हटेंगे नहीं, न्याय मिलने तक एक रहेंगे’ तो किसी में लिखा था, ‘एक दिन, एक परीक्षा’।

आयोग द्वारा ‘पीसीएस प्री’ की परीक्षा के लिए सात और आठ दिसंबर की तिथि घोषित की गई है, वहीं समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ..एआरओ) प्री की परीक्षा के लिए 22 और 23 दिसंबर की तिथि घोषित की गई है।

 

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