चीन ने अमेरिका पर जैसे ही 34 प्रतिशत टैरिफ बढ़ाने का फैसला लिया, उसी के साथ शेयर मार्किट में भूचाल आ गया। आज के कारोबार में मेटल, फॉर्मा और आईटी सहित कई इंडेक्सों ने गिरावट दर्ज की है। वहीं, सेंसेक्स 900 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज करते हुए बंद हुआ, जबकि निफ्टी 23,000 के नीचे क्लोजिंग दी है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका के कारण निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। व्यापार युद्ध, खासकर अमेरिका और चीन के बीच, के चलते वैश्विक व्यापार में कमी और आर्थिक वृद्धि की गति धीमी हो सकती है, जिससे शेयर बाजारों में दबाव बढ़ जाता है। चीन द्वारा लिया गया फैसला व्यापारिक तनाव को और बढ़ा सकता है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को प्रभावित कर सकता है। टैरिफ बढ़ाने से चीन की ओर से अमेरिकी कंपनियों और निर्यातकों को अधिक लागत का सामना करना पड़ता है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है।

इन 5 चीजों पर पड़ेगा असर-

1. विस्तारित व्यापारिक तनाव
टैरिफ बढ़ाने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव और बढ़ सकता है। अमेरिका और चीन पहले ही व्यापार युद्ध में उलझे हुए हैं, और यह कदम उस संघर्ष को और बढ़ा सकता है। यदि दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ और भी कड़ी व्यापार नीति अपनाते हैं, तो यह और गंभीर आर्थिक समस्याओं का कारण बन सकता है।

2. उत्पादों की कीमतों में वृद्धि
टैरिफ बढ़ने से चीन से आयातित अमेरिकी उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को उच्च कीमतों का सामना करना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, उपभोक्ता वस्तुएं, इलेक्ट्रॉनिक्स, और अन्य चीनी उत्पाद महंगे हो सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिकी उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति घट सकती है, और महंगाई दर में वृद्धि हो सकती है।

3. अर्थव्यवस्थाओं पर नकारात्मक प्रभाव
अमेरिका: व्यापारिक तनाव के कारण अमेरिकी कंपनियों को नुकसान हो सकता है, विशेष रूप से जो चीन में उत्पादों का निर्माण करती हैं या चीन में निर्यात करती हैं। कुछ अमेरिकी उद्योगों को प्रभावित हो सकता है, जैसे कृषि, टेक्नोलॉजी, और ऑटोमोबाइल सेक्टर। वहीं चीन भी प्रभावित होगा, क्योंकि अमेरिका एक बड़ा निर्यातक है। चीन के उत्पादों की मांग में गिरावट हो सकती है, जो चीन की अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल सकती है।

4. वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट
दोनों देशों के बीच व्यापारिक विवाद का असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी पड़ेगा। क्योंकि चीन और अमेरिका वैश्विक उत्पादन नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, व्यापारिक संघर्ष अन्य देशों को भी प्रभावित कर सकता है। विशेष रूप से उन देशों के लिए समस्या हो सकती है जो चीन या अमेरिका के साथ व्यापार करते हैं और आपूर्ति श्रृंखला में इन दोनों देशों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

5. वैश्विक आर्थिक मंदी का खतरा
बढ़ते व्यापारिक तनाव और टैरिफ की वजह से वैश्विक व्यापार में कमी हो सकती है, जिससे वैश्विक आर्थिक वृद्धि धीमी पड़ सकती है। अगर अमेरिका और चीन के बीच युद्ध बढ़ता है तो यह मंदी के रूप में सामने आ सकता है।

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