केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शनिवार को अपने दिवंगत पिता रामविलास पासवान की पहली पत्नी तथा अपनी ‘बड़ी मां’ के साथ चाचा पशुपति कुमार पारस द्वारा कथित रूप से किए गए दुर्व्यवहार की निंदा की। 

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष ने दावा किया कि “व्यक्तिगत और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं” के कारण पशुपति पारस ने पहले पार्टी तोड़ी और अब परिवार को तोड़ रहे हैं। पारस पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं। हाजीपुर के सांसद ने संवाददाताओं से कहा, “मेरे पिता के निधन के बाद हमें उम्मीद थी कि चाचा परिवार का नेतृत्व करेंगे। लेकिन उन्होंने मुझे पार्टी से बाहर करवा दिया, पार्टी को खत्म कर दिया, मेरी मां और मुझे हमारे घर से निकाल दिया और खुद के लिए कैबिनेट में जगह बना ली।” वह 2021 में पारस द्वारा लोक जनशक्ति पार्टी में किए गए विभाजन का जिक्र कर रहे थे, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने इसके चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। 

“वह घर का बंटवारा करने के लिए आतुर”
चिराग पासवान हाल ही में ‘बड़ी मां’ राजकुमारी देवी और पारस की पत्नी के बीच हुए झगड़े पर अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे थे। राजकुमारी देवी ने पारस की पत्नी पर आरोप लगाया है कि वह खगड़िया जिले में उनके दिवंगत पति के पैतृक घर से उन्हें बेदखल करने का प्रयास कर रही हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मैं चाचा से आग्रह करता हूं कि वह मेरे खिलाफ लड़ाई में परिवार की महिलाओं को न लाएं। ऐसा लगता है कि वह घर का बंटवारा करने के लिए आतुर हैं।” उन्होंने दावा किया, “उन्हें (पारस को) चाची (पारस की पत्नी) पर लगाम लगानी चाहिए, जिनके व्यवहार से स्थानीय ग्रामीण नाराज हैं।” 

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