झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि घोटालेबाजों, भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए राज्य पुलिस काम कर रही है। मरांडी ने भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जलापूर्ति योजना में हुए घोटाले की जांच, ईडी की कार्रवाई पर झारखंड पुलिस की कार्रवाई और भ्रष्टाचार के मामले में एसीबी की कार्रवाई  पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। शराब घोटाले में एसीबी की कारर्वाई पर मरांडी ने कहा कि इनकी तत्परता केवल मैच फिक्सिंग है। पहले ये सक्रियता दिखाते हैं फिर जानबूझकर चार्जशीट नहीं करते ताकि घोटालेबाजों, अपराधियों को बेल मिल जाए और ऐसा ही आईएएस अधिकारी विनय चौबे, सुधीर कुमार, नीरज कुमार, महेश, परेश ठाकोर, विक्रम ठाकुर को डिफॉल्ट बेल मिल गया।

“राज्य की एसीबी ने बड़ा अच्छा धंधा बना लिया”
मरांडी ने कहा कि दिखावे के लिए एसीबी जिस तत्परता से गिरफ्तार करती है, उस तत्परता से 90 दिनों में चार्जशीट दाखिल नहीं करती। ये जानबूझकर ऐसा करते हैं। पहले सूचना करवाते हैं, फिर लेनदेन तय होता है फिर गिरफ्तारी का नाटक होता है। बड़ा अच्छा धंधा बना लिया है राज्य की एसीबी ने। मरांडी ने कहा कि दूसरी ओर ईडी जब अपराधियों पर कार्रवाई कर रही तो राज्य पुलिस ईडी के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कर रही। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में हुए जलापूर्ति घोटाले में संतोष कुमार हाजिर नहीं हो रहा था। कई बार ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था। पिछले सोमवार को अचानक संतोष कुमार ईडी के सामने प्रकट होते हैं। पूछताछ में जब अपने पहले वाले जवाब के उल्टा बोलते हैं तो ईडी ने उनकी पत्नी से भी पूछने की बात कही इतने पर से अपना सिर दीवार पर पटकते हैं, चोट आती है उसकी चिकित्सा कराई गई। वे सामान्य स्थिति में घर लौटते हैं। मरांडी ने कहा कि मंगलवार को संतोष कुमार ने एयरपोर्ट थाना में ईडी पर मुकदमा दर्ज करा दिया और आज सुबह -सुबह झारखंड पुलिस ईडी कार्यालय पहुंच गई। उन्होंने कहा कि ये क्या हो रहा और ऐसा लग रहा इसलिए नए डीजीपी को बनाया गया है ताकि घोटालेबाजों को बचाया जाए। कहा कि यही एसीबी है जो तत्परता से गिरफ्तार करती है और रात को टेंपो से फाइल ढोती है ताकि घोटालेबाजों को बचाया जाए।

“डीजीपी ने तो कानून की मर्यादा ही तोड़ दी”
मरांडी ने कहा कि राज्य में अराजकता, लूट, भ्रष्टाचार की भयावह स्थिति है। यहां कोई सुरक्षित नहीं। भाजपा ऐसा नहीं चलने देगी। झारखंड की सुरक्षा के लिए जगाना होगा। उन्होंने राज्य के उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि इन बातों का स्वत: संज्ञान लेकर जांच किया जाए। ऐसे मामलों की सीबीआई जांच हो। मरांडी ने धुर्वा से अपहृत बच्चों की बरामदगी पर कहा कि आज झारखंड पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही, हटिया डीएसपी पटाखे फोड़ रहे। डीजीपी ने तो कानून की मर्यादा ही तोड़ दी। बच्चों को सीडब्लूसी न भेजकर सीधे गोद में बिठाकर प्रेसवार्ता कर रही। मरांडी ने कहा कि दो जनवरी से 8 जनवरी तक लापता बच्चे धुर्वा, हटिया में थे, लेकिन पुलिस का खुफिया तंत्र विफल रहा। अंत में मीडिया और राजनीतिक दबाव में बातें फैली। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी प्रयास किया और जिसका परिणाम है कि बच्चे सकुशल वापस आ गए। उन्होंने कहा कि घोषित इमाम की राशि सामाजिक कार्यकर्ता सचिन प्रजाति, डब्लू साहू, सन्नी को मिलनी चाहिए। राज्य सरकार द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाए। उन्होंने आशंका व्यक्त की पुलिस अधिकारी अपनी प्रशंसा में और रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए इनाम को अपने खाते में डालेंगे। अगर ऐसा हुआ तो भाजपा विरोध करेगी।

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