ग्रेटर नोएडा वेस्ट में शुक्रवार सुबह एक झुग्गी बस्ती में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 50 से अधिक झुग्गियां उसकी चपेट में आ गईं। इलाके में धुआं फैल गया और लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

आग लगते ही मचा हाहाकार
जानकारी के अनुसार, आग सुबह करीब 6 बजे के आसपास लगी। देखते ही देखते लपटें इतनी तेज़ी से फैलीं कि लोग अपने घरों से बाहर भागने लगे। कई लोगों ने अपने सामान और दस्तावेज़ों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज़ आग के कारण सब कुछ जलकर राख हो गया। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग घबराकर सड़कों पर निकल आए।

लगातार गूंजते रहे धमाके
झुग्गियों में रखे एलपीजी सिलेंडर आग की चपेट में आने से लगातार धमाके होने लगे। इन धमाकों की आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आग की लपटें आसमान तक पहुंच गईं, जिससे पूरा इलाका धुएं से भर गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में सिलेंडर फटने से हालात और गंभीर हो गए।

लोगों ने खुद बुझाई आग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आग लगने के करीब आधे घंटे बाद तक फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान लोगों ने खुद ही आग बुझाने की कोशिश की। कई लोगों ने बाल्टियों, पानी के टैंकरों और पाइपों की मदद से लपटों पर काबू पाने की कोशिश की। इसी दौरान कुछ लोग झुलस भी गए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

राहत और बचाव कार्य जारी
आग की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां देर से ही सही, लेकिन मौके पर पहुंचीं और कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत कार्य अब भी जारी है और झुग्गियों में रहने वाले लोगों के लिए अस्थायी ठहराव की व्यवस्था की जा रही है।

आग लगने का कारण क्या था?
फिलहाल आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट या गैस सिलेंडर लीकेज से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य पूरा होने के बाद आग लगने के असली कारणों की जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

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