ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा की साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए प्राधिकरण की एसीइओ मेधा रूपम ने बृहस्पतिवार को डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन करने वाली संस्थाओं ब्लू प्लेनेट व आईपीसीए और मैनुअल स्वीपिंग कर रही मैसर्स बिमलराज के साथ बैठक की। इस बैठक में इनसे जुुडे़ सेक्टरों के RWA पदाधिकारी भी शामिल हुए। उनसे सेक्टरों की साफ-सफाई से जुड़े मसलों पर फीडबैक लिए गए। उनसे प्राप्त सुझावों पर शीघ्र अमल करने के निर्देश दिए गए। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने बताया कि आवासीय सेक्टरों में चल रहे पीजी के वेस्ट का ढेर लगा रहता है। ACEO मेधा रूपम ने ऐसे सभी पीजी को चिंहित कर पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए हैं।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी के निर्देश पर ACEO मेधा रूपम ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों व गांवों का भ्रमण कर रही हैं। साथ ही साफ-सफाई से जुड़े कॉन्ट्रैक्टरों व उसी एरिया की आरडब्ल्यूए के साथ बैठक भी कर रही हैं। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को एसीईओ ने सेक्टर अल्फा वन व टू, बीटा वन व टू, सेक्टर गामा वन व टू, ओमीक्रॉन वन, वन ए, ओमीक्रॉन टूू व थ्री, पाई वन व टू में सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार संस्था ब्लू प्लेनेट व आईपीसीए और मैनुअल स्वीपिंग कर रही मैसर्स बिमलराज के प्रतिनिधियों और इन सेक्टरों की आरडब्ल्यूए को बुलाया गया। उनसे सफाई व्यवस्था पर चर्चा की गई। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों से प्राप्त शिकायतों को तत्काल निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। आने वाले दिनों में अन्य आरडब्ल्यूए और उस एरिया में सफाई व्यवस्था से जुड़ी फर्मों के साथ बैठक की जाएगी।

बैठक में सेक्टरवासियों ने बताया कि पेइंग गेस्ट (पीजी) की वजह से बहुत दिक्कत हो रही है। पीजी का कूड़े का ढेर इधर-उधर लगा रहता है। इस पर एसीईओ ने जन स्वास्थ्य विभाग को इन पीजी को चिन्हित कर पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी शिकायत आई कि कुछ लोग कूड़ा गाड़ी जाने के बाद कूड़ा फेंकते हैं। एसीईओ ने सभी वाहनों का रूट प्लान टाइम के साथ बनाकर देने को कहा है, ताकि लोगों को सही समय का पता चल सके। इसके बाद भी अगर कोई व्यक्ति कूड़ा वाहन जाने के बाद कूड़ा फेंकता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा सेक्टर ओमीक्रॉन वन में डस्टबिन और ओमीक्रॉन वन ए में स्ट्रीट लाइट लगवाने की मांग भी सामने आई, जिसे एसीईओ ने शीघ्र पूरा कराने का आश्वासन दिया। Noida News

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights