वैश्विक बाजार में आज कीमती धातुओं की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। सोने और चांदी के दाम अपने अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। इस अचानक आई तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वह चेतावनी है, जिसमें उन्होंने यूरोपीय देशों पर भारी टैक्स (टैरिफ) लगाने की बात कही है। ट्रंप का कहना है कि जब तक अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं मिलती, तब तक वह अपनी सख्त व्यापारिक नीतियां जारी रखेंगे।

इस राजनीतिक तनाव के कारण दुनिया भर के निवेशक शेयर बाजार से अपना पैसा निकालकर सोने में लगा रहे हैं, क्योंकि संकट के समय सोने को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। आंकड़ों की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगभग 4,670 डॉलर और चांदी 93.85 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई है। विशेषज्ञों का तो यहां तक मानना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो भविष्य में सोना डेढ़ लाख रुपये और चांदी साढ़े तीन लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।

कीमतों में इस उछाल के पीछे केवल राजनीति ही नहीं, बल्कि आर्थिक कारण भी हैं। ट्रंप के बयानों से अमेरिकी डॉलर और शेयर बाजार में गिरावट आई है, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित संपत्तियों की तरफ बढ़ा है। इसके अलावा, चांदी की मांग नई तकनीकों में तेजी से बढ़ रही है, लेकिन जमीन से चांदी निकालने (माइनिंग) की रफ्तार धीमी है। मांग और सप्लाई के बीच इसी अंतर ने चांदी की कीमतों में आग लगा दी है। भारत जैसे देशों में ऊंची कीमतों की वजह से फिलहाल आम लोगों ने खरीदारी कम कर दी है, जिससे खुदरा बाजार पर असर पड़ रहा है।

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