उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले के नोनहरा थाने में पुलिस के कथित लाठीजार्च की जांच तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुरु कर दी है। आरोप है कि नोनहरा थाने में हुए लाठीचार्ज में भाजपा कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय (35) की मौत हुई है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एसएचओ समेत 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। भाजपा कार्यकर्ता की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।       

मजिस्ट्रेट जांच के आदेश 
एसआईटी का नेतृत्व वाराणसी के काशी क्षेत्र के डीसीपी गौरव बंसवाल कर रहे हैं, जिसमें एडीसीपी अंशुमान मिश्रा और एसीपी कैंट नितिन तनेजा सदस्य बनाए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि टीम घटना और उसके कारणों की विस्तृत जांच करने गाजीपुर पहुंच चुकी है। यह घटनाक्रम गुरुवार को नोनहरा एसएचओ समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित करने और पांच अन्य को लाइन हाजिर करने के बाद हुआ है। गाजीपुर के जिला मजिस्ट्रेट ने भी मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।       

परिजनों ने की थी सीएम योगी से मुलाकात 
गौरतलब है कि, 10 सितंबर की देर रात बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों ने नोनहरा थाने पर धरना दिया। आधी रात के बाद स्थिति बिगड़ गई। पुलिस ने कथित तौर पर लाठीचार्ज किया, जिसमें उपाध्याय घायल हो गए। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद नोनहरा थाना में हुई घटना में मारे गए सियाराम उपाध्याय के परिवार के साथ एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सोमवार को मुलाक़ात की थी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

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