: दिल्ली से सटे गाजियाबाद के वेव सिटी इलाके में शुक्रवार को पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इसमें अनिल दुजाना गैंग का शातिर अपराधी और ₹50,000 का इनामी बदमाश बलराम ठाकुर मारा गया। वहीं, फायरिंग के दौरान तीन पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हो गए हैं। इस कार्रवाई को एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह और क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम ने अंजाम दिया।मुठभेड़ के दौरान एडीसीपी और स्वाट प्रभारी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी, लेकिन दोनों बाल-बाल बच गए।

कैसे हुई मुठभेड़?
पुलिस को सूचना मिली थी कि बलराम ठाकुर अपने कुछ साथियों के साथ वेव सिटी के डासना अंडरपास के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को फंसता देख बलराम ठाकुर ने पुलिस पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई, जिसमें बलराम ठाकुर मारा गया, जबकि उसके तीन साथी फरार हो गए।

दो दिन पहले मांगी थी 75 लाख की रंगदारी
बलराम ठाकुर ने दो दिन पहले गाजियाबाद के दो कारोबारियों एक मिठाई व्यवसायी और एक लोहा व्यापारी से कुल ₹75 लाख की रंगदारी मांगी थी। मिठाई कारोबारी से 50 लाख की मांग की गई थी। लोहा कारोबारी से 25 लाख मांगे गए थे। बलराम ने खुद को ‘गुरु अनिल दुजाना’ बताते हुए व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमकी दी थी कि पैसे नहीं दिए तो गोली मार देंगे।

34 मुकदमों में था वांछित
मारे गए बदमाश बलराम ठाकुर के खिलाफ 34 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वो बुलंदशहर के जहांगीराबाद का रहने वाला था और लंबे समय से गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय था।

पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस अब भागे हुए तीन अन्य बदमाशों की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गैंग का नेटवर्क किन-किन इलाकों तक फैला हुआ है।

पुलिस कमिश्नर का बयान
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने इस मुठभेड़ को ‘बड़ा ऑपरेशन’ बताया। उन्होंने कहा कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही पूरे गैंग को खत्म कर दिया जाएगा।

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