उत्तर प्रदेश की आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है, जिसमें गाज़ा युद्ध पीड़ितों की मदद के नाम पर देशभर से करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की गई। इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी में शामिल तीन आरोपियों को महाराष्ट्र के भिवंडी से गिरफ्तार किया गया है। ATS के अनुसार, ये आरोपी सोशल मीडिया के ज़रिए गाज़ा के पीड़ित बच्चों और महिलाओं के आंसुओं के नाम पर भावनात्मक अपील कर रहे थे। उन्होंने इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर मार्मिक वीडियो और पोस्ट साझा कर लोगों से मदद की अपील की, लेकिन इकट्ठा की गई राशि का बड़ा हिस्सा खुद हड़प लिया गया।

कैसे हुआ खुलासा?
यूपी ATS को इनपुट मिला था कि कुछ लोग गाज़ा युद्ध के पीड़ितों की मदद के लिए क्राउडफंडिंग अभियान चला रहे हैं, लेकिन उस पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं। जांच में यह साफ हुआ कि इकट्ठा की गई राशि युद्ध पीड़ितों तक नहीं पहुंचाई गई, बल्कि उसका अधिकांश हिस्सा इन लोगों ने निजी खर्चों में इस्तेमाल किया।

कौन हैं आरोपी?
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी मोहम्मद अयान, जैद नोटियार और अबू सूफियान, महाराष्ट्र के निवासी हैं। इन पर BNS की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। ATS ने कोर्ट से गैर-जमानती वारंट लेकर 20 सितंबर 2025 को इनकी गिरफ्तारी की।

ट्रांजिट रिमांड पर लाए जाएंगे लखनऊ
तीनों आरोपियों को मुंबई की अदालत में पेश किया गया, जहां से ATS को ट्रांजिट रिमांड मिला। अब उन्हें लखनऊ लाकर आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

करोड़ों का फर्जी चंदा
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि देश के विभिन्न राज्यों खासकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों से लाखों लोगों ने इनकी अपील पर भावुक होकर दान दिया। आरोपियों ने अपनी UPI ID और बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल करते हुए करोड़ों रुपये जमा किए। ATS अब यह जांच कर रही है कि गबन की गई रकम को कहां और कैसे खर्च किया गया।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights