राजस्थान के टोंक जिले में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। सौंधीफल गांव में रविवार शाम एक ही परिवार के तीन चचेरे भाइयों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। ये तीनों बच्चे भैंसों को पानी पिलाने गए थे और एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में गहरे पानी में समा गए। हादसे की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया है।

क्या हुआ था उस दिन?

जानकारी के मुताबिक सौंधीफल गांव के अंकेश (15), विकास (14) और सुनील (15) रविवार शाम करीब 6-7 भैंसों को लेकर घर से 500 मीटर दूर तालाब पर गए थे। जब भैंसें तालाब में चली गईं तो अंकेश उन्हें बाहर निकालने के लिए पानी में उतरा लेकिन वह डूबने लगा। उसे डूबता देख सुनील और विकास भी उसे बचाने के लिए पानी में कूद गए लेकिन किसी को भी तैरना नहीं आता था जिससे वे तीनों डूब गए।

बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर सुनील के पिता राजेश बैरवा मौके पर पहुंचे और उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए। वह खुद भी डूबने से बाल-बाल बचे।

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पूरे गांव में मातम

राजेश ने दौड़कर गांव में बच्चों के डूबने की सूचना दी जिसके बाद गांव के लोग मौके पर पहुंचे। काफी देर तलाश के बाद बच्चों को बाहर निकाला गया और तुरंत पीपलू अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बच्चों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। रविवार को गांव में किसी के घर चूल्हे तक नहीं जले। बताया जा रहा है कि अंकेश अपने परिवार के साथ जयपुर में रहता था और रक्षाबंधन मनाने के लिए दो दिन पहले ही गांव आया था। ये तीनों बच्चे गरीब परिवारों से थे।

प्रशासन की तरफ से कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने अस्पताल पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

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