मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में पुलिस विभाग में अनुशासन और ईमानदारी को लेकर इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने एक बड़ी कार्रवाई की। दो पुलिसकर्मियों को भ्रष्टाचार के आरोप में डिमोट कर दिया गया है। यह कार्रवाई लगभग दो साल पुरानी जांच पूरी होने के बाद की गई है।

मामला एमआईजी थाना क्षेत्र का है, जहां तत्कालीन थाना प्रभारी अजय वर्मा और एएसआई धीरज शर्मा पर एक कारोबारी से 20 लाख रुपए लेने का आरोप था। जानकारी के अनुसार, एक महिला ने दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद आरोपी कारोबारी ने मामले में पुलिस से मदद मांगी थी।

जांच के दौरान आरोप सामने आए कि तत्कालीन थाना प्रभारी अजय वर्मा और एएसआई धीरज शर्मा ने महिला से मामले को रफा-दफा कराने के लिए कारोबारी से 20 लाख रुपए की राशि ली थी। यह शिकायत कारोबारी ने पुलिस के उच्च अधिकारियों को दी थी।

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शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू की गई, जो लगभग दो साल चली। जांच रिपोर्ट में दोनों पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने सख्त कदम उठाते हुए थाना प्रभारी अजय वर्मा को सब-इंस्पेक्टर के पद पर और एएसआई धीरज शर्मा को आरक्षक (कांस्टेबल) के पद पर पदस्थ करने का आदेश जारी किया।

कमिश्नर ने कहा कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और जो भी अधिकारी इस जिम्मेदारी से भटकेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और इसे यह संदेश माना जा रहा है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

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