खालिद जमील को शुक्रवार को भारतीय राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया और इस तरह से वह पिछले 13 वर्षों में इस प्रतिष्ठित पद पर आसीन होने वाले पहले भारतीय बन गए।

 

राष्ट्रीय पुरुष टीम के मुख्य कोच का पद संभालने वाले अंतिम भारतीय सावियो मेडेइरा थे, जो 2011 से 2012 तक इस पद पर रहे।

उनके सामने अब भारतीय टीम के प्रदर्शन में सुधार लाने की कठिन चुनौती होगी। भारत का पिछले कुछ महीनो में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है।

पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और वर्तमान में इंडियन सुपर लीग की टीम जमशेदपुर एफसी के प्रभारी 48 वर्षीय जमील को अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) की कार्यकारी समिति ने इस पद के लिए चुना।

भारतीय टीम का कोच बनने की दौड़ में जमील के अलावा भारत के पूर्व मुख्य कोच स्टीफन कॉन्स्टेंटाइन और और स्लोवाकिया के मुख्य कोच रह चुके स्टीफन टारकोविच शामिल थे।

अपने जमाने के दिग्गज स्ट्राइकर आईएम विजयन की अगुवाई वाली एआईएफएफ की तकनीकी समिति ने कार्यकारी समिति के अंतिम निर्णय के लिए तीन उम्मीदवारों को चुना था।

एएफसी प्रो लाइसेंस डिप्लोमा धारक जमील स्पेन के मनोलो मार्केज़ का स्थान लेंगे, जो भारत के हाल में खराब प्रदर्शन के बाद अपने पद से हट गए थे।

एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने बैठक के बाद पीटीआई से कहा, ‘‘एआईएफएफ कार्यकारी समिति ने खालिद जमील को नया मुख्य कोच चुना है, लेकिन उनका कार्यकाल अभी तय नहीं हुआ है। हम इस पर आपस में चर्चा के बाद फैसला करेंगे। हमें उनके वेतन पर भी चर्चा करनी है।’’

चौबे ने कहा, “जमील तीन साल का कार्यकाल चाहते थे। कुछ सदस्यों ने कहा कि यह एक या दो साल का हो सकता है। उनका कार्यकाल दो या तीन साल का हो सकता है। यह टीम के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।’’

एआईएफएफ अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि जमील राष्ट्रीय टीम के पूर्णकालिक मुख्य कोच होंगे और किसी अन्य क्लब से नहीं जुड़ेंगे।        

जमील के पूर्ववर्ती मनोलो ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान दोहरी भूमिका निभाई थी। जब राष्ट्रीय टीम के कोई मैच नहीं थे तब उन्होंने आईएसएल टीम एफसी गोवा की कमान संभाली थी।    

जमील की नई भूमिका में पहला काम सेंट्रल एशियन फुटबॉल एसोसिएशन (सीएएफए) नेशंस कप होगा, जो 29 अगस्त से ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान में खेला जाएगा।

जमील लंबे समय से भारतीय फुटबॉल से जुड़े हुए हैं। कोच के रूप में अपने एक दशक से भी अधिक समय के करियर की उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि आइज़ॉल एफसी के साथ 2016-17 का आई-लीग खिताब जीतना था। तब इस क्लब ने मोहन बागान, ईस्ट बंगाल और बेंगलुरु एफसी जैसी बड़ी टीमों को हराया था।

मुंबई के रहने वाले जमील को इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में कोचिंग का अच्छा खासा अनुभव है। उनके कोच रहते हुए 2020-21 में नॉर्थईस्ट यूनाइटेड और 2024-25 में जमशेदपुर एफसी ने आईएसएल के प्ले ऑफ जगह बनाई थी। उन्हें अब भारतीय टीम के प्रदर्शन में सुधार लाना होगा।

भारतीय टीम 10 जून को एएफसी एशियाई कप क्वालीफायर के एक मैच में निचली रैंकिंग वाली हांगकांग से 0-1 से हार गई थी और उस पर अब 2027 में होने वाली महाद्वीपीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करने से चूकने का खतरा मंडरा रहा है।

सीएएफए नेशंस कप के बाद भारत नौ और 14 अक्टूबर को सिंगापुर के खिलाफ एएफसी एशियाई कप क्वालीफाइंग दौर के मैच खेलेगा।

जमील को उनकी नियुक्ति से पहले ही इस पद के लिए प्रबल दावेदार माना जा रहा था। उन्हें तकनीकी समिति के अध्यक्ष विजयन और उपाध्यक्ष शब्बीर अली जैसे दिग्गजों तथा पूर्व भारतीय कोच अमरांडो कोलासो का समर्थन हासिल था। कोलासो वर्तमान में चौबे के सलाहकार हैं।

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