एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या किए जाने पर दुख जताया है. पठान ने शोक प्रकट करते हुए कहा कि मेरा दिल बहुत ही दुखी है, आहत है. अयातुल्ला अली खामेनेई शहीद हो गए. हम इस दुख की घड़ी में शिया समुदाय के साथ खड़े हैं. खामेनेई शेरदिल इंसान थे और वो झुके नहीं. उन्होंने मुकाबला किया और उनके खिलाफ आवाज उठाई.

उन्होंने इजरायल और अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा, ”जालिम नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप ने अयातुल्ला अली खामेनेई को शहीद कर दिया. गोलाबारी करके एक जाबांज शेर को शहीद कर दिया गया. हम अल्लाह से दुआ करते हैं कि उन्हें जन्नत में उच्च स्थान प्रदान करें. हम तमाम शिया भाइयों के साथ कांधे से कांधा मिलाकर खड़े हैं. हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं कि एक साजिश के जरिए गोलाबारी करके ईरान में इस तरह की घटना को अंजाम दिया.”

#WATCH | Mumbai: On the killing of Ayatollah Khamenei, AIMIM leader Waris Pathan says, “My heart is deeply saddened. Iran’s Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei has been martyred… We stand with the Shia community in this grief. We strongly condemn the conspiracy by them (the… pic.twitter.com/kTkWkk2JXz

— ANI (@ANI) March 1, 2026

प्राइमरी स्कूल पर बमबारी कर नरसंहार किया गया- पठान

रमजान का पाक महीना चल रहा है. मुसलमान नमाज पढ़ रहे हैं, रोजा रख रहे हैं. इबादत में लगे हुए हैं और इस दौरान नेतन्याहू और ट्रंप ने ईरान के ऊपर हमला कर दिया. यकीन मानिए वहां पर हमला किसके ऊपर किया? एक प्राइमरी स्कूल पर हमला हुआ, जहां पांच से सात साल की बच्चियां पढ़ने गई थी. स्कूल पर बमबारी करके नरसंहार कर दिया. 108 बच्चियों की हत्या कर दी. उनकी स्कूल के बैग देखिए, खून से लथपथ हैं.

जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन- वारिस पठान

यह पूरी तरह से जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन है. यह इंसानियत का कत्लेआम है. ये जुल्म है. अफसोस इस बात का है कि इसका कुछ मुस्लिम देश समर्थन कर रहे हैं. आप गाजा के ऊपर खामोश थे, ईरान के ऊपर हमले हो रहे हैं और आप खामोश हैं. ये किसी के नहीं हुए. आज इनकी तो कल तुम्हारी बारी है. हम चाहेंगे कि पूरा देश-दुनिया जो देख रही है कि कैसे बेगुनाह मासूमों का नरसंहार किया जा रहा है.

भारत को भी उचित कदम उठाने चाहिए- वारिस पठान

इस वक्त भारत को भी उचित कदम उठाने चाहिए. हमारे भी काफी लोग ईरान और इजरायल में फंसे हुए हैं. सबको वहां से निकालना चाहिए. एयरपोर्ट बंद हो गए. फोन आ रहे हैं. वहां पर अफरा तफरी का माहौल है. यहां पर जो जंग चल रही है, इससे अर्थव्यवस्था का नुकसान हो सकता है. हमें इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. जंग किसी भी समस्या का समाधान नहीं है लेकिन जिस तरह से इनका जुर्म बढ़ते जा रहा है तो ऐसे में सभी ने मिलकर अभी आवाज नहीं उठाई तो कब उठाएंगे?

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