सीकर/खाटूश्यामजी। देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का 14 जुलाई खाटूश्यामजी दर्शन का प्रस्तावित दौरा है। राष्ट्रपति के दर्शन व सुरक्षा व्यवस्था लेकर जिला व स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया है। सोमवार शाम को जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव व एसपी करण शर्मा खाटू पहुंचे। उन्होंने रींगस रोड पर बने हेलीपैड का जायजा लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को तीनों हेलीपैड को दुरुस्त करने एवं सेफ हॉउस बनाने के निर्देश दिए। वहीं नगर पालिका को कस्बे व रास्तों की सफाई एवं पार्किंग व्यवस्था का विशेष ध्यान रखने, नालियों को ढंकने, मुख्य रास्तों से अतिक्रमण व झुग्गी झोपडिय़ों को हटाने के लिए कहा। वहीं बिजली विभाग को ढीले तारों को सही करने, बीच में आने वाले बिजली के पोल को हटाने और बिजली व्यवस्था सही रखने के निर्देश दिए। इसके बाद कलक्टर व एसपी श्याम मंदिर पहुंचे। जहां राष्ट्रपति दर्शन के पश्चात भोजन प्रसादी लेगी। जिसको लेकर अधिकारियों ने यहां की भोजन प्रसादी व सुरक्षा व्यवस्था को भी देखा। इसके बाद कलक्टर व एसपी ने पुलिस थाने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों व पुलिस की बैठक ली। जिसमें कलक्टर ने सभी से मंगलवार से दिए गए निर्देशों की पालना तय समय पर करने के सख्त निर्देश दिए। इस मौके पर दांतारामगढ़ एसडीएम राकेश कुमार, तहसीलदार विपुल चौधरी, एएसपी नीमकाथाना गिरधारी लाल शर्मा, पिडब्लूडी एइएन अलका मील, बिजली एइएन अश्विनी कुमार मीणा, थाना प्रभारी सुभाष चंद, मंदिर कमेटी व्यवस्थापक संतोष शर्मा, पटवारी जगदीश बिजारणिया आदि थे।
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झारखंड के चतरा जिले में रेडबर्ड एयरवेज का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद पता चला कि इस विमान में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR), यानी वह ब्लैक बॉक्स मौजूद नहीं था, जो किसी भी विमान दुर्घटना की जांच में सबसे अहम सबूत माना जाता है। क्यों नहीं था ब्लैक बॉक्स? रेडबर्ड का हादसे में फंसा विमान Beechcraft C90 (ट्विन टर्बोप्रॉप), रजिस्ट्रेशन VT-AJV, था। इस विमान का अधिकतम टेक-ऑफ वजन 4583 किलोग्राम था और इसे 1987 में एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट मिला था। कानून के मुताबिक: 5700 किलोग्राम से ज्यादा वजन वाले विमानों में CVR अनिवार्य है। 5700 किलोग्राम या उससे कम वजन वाले मल्टी-इंजन टर्बाइन विमानों में FDR तब अनिवार्य है, जब उनका सर्टिफिकेट 1 जनवरी 1990 के बाद जारी हुआ हो। इसलिए, इस विमान में ब्लैक बॉक्स का होना उस समय नियमों के तहत जरूरी नहीं था। पायलट ने खराब मौसम के कारण रूट बदलने की मांगी थी अनुमति विमान शाम करीब 7:11 बजे रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भर रहा था। टेक-ऑफ के 23 मिनट बाद इसका एटीसी से संपर्क टूट गया और रडार पर सिग्नल गायब हो गया। पायलट ने खराब मौसम के कारण रूट बदलने की अनुमति भी मांगी थी। हादसा झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया के पास जंगल में हुआ। ब्लैक बॉक्स नहीं होने के कारण एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
Feb 26, 2026
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