भोपाल समेत पूरे मध्य प्रदेश में ओरल हेल्थ (मुंह का स्वास्थ्य) को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। दांतों की मामूली कैविटी से शुरू होने वाली लापरवाही अब ‘कैंसर’ जैसे जानलेवा खतरे में बदल रही है। एम्स (AIIMS) के हालिया सर्वे ने राजधानी की सेहत पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। झीलों की नगरी भोपाल में दांतों और मसूड़ों की बीमारियां अब एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी का रूप ले रही हैं। लोग शुरुआती संकेतों को मामूली छाला समझकर नजरअंदाज कर रहे हैं जो बाद में प्री-कैंसर और फिर कैंसर का कारण बन रहा है।
सर्वे के डरावने आंकड़े: कैविटी से कैंसर तक
एम्स और स्थानीय डेंटल कैंपों की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं वे बेहद चिंताजनक हैं। स्कूल जाने वाले 80 से 90 प्रतिशत बच्चों के दांतों में कैविटी (सड़न) पाई गई है। प्रदेश की 50 से 80 प्रतिशत आबादी मसूड़ों की समस्याओं से जूझ रही है। शहर के लगभग 15 प्रतिशत लोगों में ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षण (Pre-Cancer Signs) मिले हैं।
ये 3 लक्षण हैं खतरे की घंटी
डॉक्टरों के अनुसार यदि आपके मुंह में ये बदलाव दिखें तो यह कैंसर की दस्तक हो सकती है:
- लाल या सफेद धब्बे: जीभ या गालों के अंदर दिखने वाले पैच।
- न भरने वाले घाव: ऐसे छाले या जख्म जो 2-3 हफ्ते बाद भी ठीक न हों।
- गांठ या जकड़न: मुंह खोलने में तकलीफ या जबड़े में असामान्य भारीपन।
क्यों बिगड़ रही है सेहत?
विशेषज्ञों ने ओरल हेल्थ बिगड़ने के 5 मुख्य कारण बताए हैं:
- गुटखा, पान मसाला और तंबाकू का बेतहाशा सेवन।
- जंक फूड और मीठी चीजों का अधिक इस्तेमाल।
- दिन में दो बार ब्रश न करने की आदत।
- जीभ की सफाई और माउथवॉश को नजरअंदाज करना।
- डेंटिस्ट के पास जाने में लापरवाही।
बचाव के अचूक उपाय: आज ही बदलें आदतें
कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचने के लिए विशेषज्ञों ने ये सलाह दी है:
- नशे से दूरी: धूम्रपान, तंबाकू और शराब का पूरी तरह त्याग करें।
- सही डाइट: अपने भोजन में विटामिन A, C और E युक्त फल और सब्जियां शामिल करें। ये कोशिकाएं मजबूत बनाती हैं।
- नियमित जांच: हर 6 महीने में एक बार डेंटिस्ट से चेकअप जरूर कराएं।
- स्वच्छता: दिन में दो बार ब्रश करें और हर सुबह जीभ साफ करें।
- सेल्फ चेकअप: समय-समय पर शीशे में अपना मुंह चेक करें। अगर कोई छाला 15 दिन से ज्यादा रहे तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
