सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को ईडी ने फिर से समन किया है। लेकिन ईडी ने अभी तक यह नहीं बताया है कि ईडी ने उन्हें किस हैसियत से बुलाया है, ना वो गवाह हैं, ना वो अभियुक्त हैं। ईडी की टाइमिंग पर भी सवाल उठते हैं, ठीक लोकसभा चुनाव से पहले यह कार्रवाई की जा रही है।
जब सारे दल चुनाव की तैयारी कर रहे हैं, उन चुनावों के अभियान से पहले सीएम केजरीवाल को गिरफ्तार करने की साजिश केंद्र सरकार कर रही है। ताकि मुख्यमंत्री लोकसभा चुनाव के अभियान में ना जा पाएं, उन्हें जेल में बंद कर दे।
भारद्वाज ने कहा कि मनीष सिसोदिया को एक साल से गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ कोर्ट में एक भी सबूत पेश नहीं कर पाए हैं। आज नहीं तो कल मनीष सिसोदिया निर्दोष साबित होंगे और रिहा होंगे, यह बात केंद्र सरकार भी जानती है। इसीलिए यह सोचा जा रहा है कि किसी तरीके से अरविंद केजरीवाल को भी गिरफ्तार कर लिया जाए।
हम सब यह जानते हैं कि देश के अंदर जितने भी विपक्ष के नेता हैं उन्हें किसी ना किसी मामले के अंदर ईडी द्वारा गिरफ्तार करने की कोशिश हो रही है। आए दिन भाजपा के नेताओं के खिलाफ बडे़-बड़े मामले हमारे सामने आते हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई ईडी, सीबीआई केस नहीं कर रही है, कोई गिरफ्तारी नहीं कर रही है। जिन बड़े-बड़े नेताओं के खिलाफ भाजपा ने अभियान चलाया, भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाया। फिर वह सुवेदु अधिकारी हों, टीएमसी में थे, भ्रष्टाचार का अभियान चलाया, भाजपा में शामिल हो गए। मुकुल राय के खिलाफ अभियान चलाया गया, वह भाजपा में शामिल हो गए। हिमंत बिस्व सरमा हों, प्रेमा खांडू हों, नारायण राणे हों, छगन भुजबल हों, अजित पवार हों, प्रफुल्ल पटेल हों, जो भी भाजपा में आ जाता है उनके खिलाफ मामले सुनाई नहीं देते हैं।