श्रीलंका में पिछले पांच दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और खराब मौसम ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। देश के आपदा प्रबंधन केंद्र (DMC) ने इसकी पुष्टि की है कि इस प्राकृतिक आपदा में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 4000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। ये मौतें पूर्वी जिले बट्टिकलोआ और उत्तरी जिले जाफना में दर्ज की गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मौत के ये मामले पूर्वी जिले बट्टिकलोआ और उत्तरी जिले जाफना से सामने आए हैं। केंद्र द्वारा जारी नवीनतम स्थिति रिपोर्ट के अनुसार आज सुबह 6 बजे तक देश के 25 में से आठ जिले पिछले पांच दिन से हो रही वर्षा से प्रभावित हुए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक इस प्राकृतिक आपदा से 4,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं जिनमें से 29 परिवारों के 100 से अधिक लोगों को दो अस्थायी राहत केंद्रों में रखा गया है। इसके अलावा लगभग 88 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

मौसम विभाग ने आगे भी भारी वर्षा का अनुमान जताया है, जिसमें कई प्रांतों में 150 मिमी तक वर्षा होने की संभावना है। सुबह जारी पूर्वानुमान में कहा गया, श्रीलंका के उत्तर-पूर्व में स्थित कम दबाव का क्षेत्र अब भी बना हुआ है। इस प्रणाली के अगले 36 घंटों के दौरान श्रीलंका से दूर जाने की संभावना है। राष्ट्रीय भवन अनुसंधान संगठन (एनबीआरओ) ने भी कई जिलों के लिए भूस्खलन की चेतावनी जारी की है।
