उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के भूनगर कोतवाली क्षेत्र में बेनीपुर निवासी दो युवकों, अभिषेक तिवारी और अनिल तिवारी, के खिलाफ कार पर फर्जी सचिवालय पास और लाल, नीली फ्लैश लाइट लगाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह कार्रवाई विगत गुरुवार को की गई थी। जिसके बाद आईजी के निर्देश पर इस मामले की जांच की गई थी। जांच में सामने आया कि विधानसभा सचिवालय से ऐसा कोई पास जारी नहीं किया गया था। 

पुलिस ने इस मामले में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद से मामले की जांच जारी थी। वहीं अब पुलिस इस मामले की कार्रवाई की तैयारी में है।  

डेढ़ महीने पहले हुई थी शिकायत 
बेनीपुर निवासी मनीष पांडेय ने करीब डेढ़ महीने पहले आईजी प्रयागराज से शिकायत कर बताया था कि उनके परिवार के लोगों पर हमले के आरोपी अनिल तिवारी और अभिषेक तिवारी अपनी कार पर फर्जी सचिवालय पास लगाकर अधिकारियों के सामने रौब जमा रहे हैं। 

किसी सचिवालय से नहीं जारी हुआ कोई पास 
आईजी के निर्देश पर हुई कार्रवाई में उत्तर प्रदेश सचिवालय पास ऑफिस के मुख्य स्वागताधिकारी की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया है कि उनके यहां से लाल, नीली लाइट के लिए कोई पास जारी नहीं है। संबंधित मामले में विधानसभा सचिवालय से भी कोई पास नहीं हुआ है। विधानपरिषद सचिवालय से 2024 में एक पास जारी हुआ था।

वहीं इस मामले को लेकर एएसपी पूर्वी शैलेंद्रलाल ने बताया कि जानलेवा हमले के वादी की शिकायत पर जांच कराई गई थी। विधानसभा सचिवालय ने पास जारी करने से इनकार कर दिया है। मामले में गाड़ी पर फर्जी पास लगाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। 

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