पहलगाम आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और सख्त करते हुए जम्मू कश्मीर पुलिस ने श्रद्धालुओं को प्रदेश द्वार लखनपुर से कड़ी सुरक्षा निगरानी में रवाना किया जा रहा। यह पहला मौका है जब अमरनाथ यात्रा को कठुआ से ही भारी सुरक्षा दस्ते के साथ जम्मू के लिए रवाना किया जा रहा है। जत्थे के रवाना होने से पहले कठुआ के लखनपुर जम्मू हाईवे पर रोड ओपनिंग पार्टी ने पूरे हाईवे को खंगाला और हीरानगर के लौड़ी नाके पर भी हर वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है।

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श्री अमरनाथ की पवित्र वार्षिक यात्रा को लेकर सुरक्षा प्रबंध और अधिक सख्त कर दिए गए हैं। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है और यात्रियों की सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई, 2025 से शुरू होगी। इस साल पहली बार, अमरनाथ यात्रा के पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर रणनीतिक स्थानों पर चेहरा पहचानने वाली प्रणाली (एफआरएस) लगाई गई है। 

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इस बार यात्रा के पहले पड़ाव लखनपुर से ही श्रद्धालुओं को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस एस्कॉर्ट और सुरक्षाबलों की निगरानी में काफिले के रूप में जम्मू के लिए रवाना किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर हर संवेदनशील स्थान पर सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं में भी सुरक्षा के इन कड़े इंतजामों को लेकर खासा उत्साह देखा गया। उन्होंने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें यात्रा के दौरान पूरी तरह सुरक्षित माहौल मिल रहा है।

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उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के खैरीघाट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम तेंदुए के हमले में सात वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर किया गया है। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, खैरीघाट थाना क्षेत्र के बाजपुरवा गांव में शाम करीब पांच बजे आफरीन (7), पुत्री तसव्वर, अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान झाड़ियों से निकले तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बच्ची अस्पताल में भर्ती बच्ची की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और शोर मचाते हुए लाठी-डंडों के साथ तेंदुए की ओर बढ़े, जिसके बाद जंगली जानवर वहां से भाग गया। ग्रामीणों ने घायल बच्ची को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। सीएचसी शिवपुर के चिकित्सक डॉ. विकास सिंह ने बताया कि बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई थी। उसकी स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। गांव में दहशत का माहौल घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष गुप्ता ने बताया कि टीम द्वारा क्षेत्र में जांच की जा रही है। रात का समय होने के कारण तेंदुए के स्पष्ट पगचिह्न नहीं मिल सके हैं, लेकिन इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और आसपास के जंगल व झाड़ियों की निगरानी की जा रही है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और नियमित गश्त कराने की मांग की है। वन विभाग ने लोगों से बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और शाम के समय विशेष सतकर्ता बरतने की अपील की है।

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