असदुद्दीन ओवैसी ने इंडिया ब्लॉक का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है। उन्होंने बिहार वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर चुनाव आयोग पर भड़ास भी निकाली। मीडिया से बात करते हुए ओवैसी ने भारतीय चुनाव आयोग के भारतीयों की नागरिकता तय करने के आधिकार पर सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग पर बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वोटर लिस्ट रिवीजन को पिछले दरवाजे से NRC करने का आरोप लगाया। ओवैसी ने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग को यह निर्धारित करने का हक किसने दिया कि कोई शख्स भारत का नागरिक है या नहीं?
चुनाव आयोग को लेकर क्या बोले ओवैसी?
ओवैसी ने कहा कि बिहार में वोटर लिस्ट की रिवीजन करके चुनाव आयोग पिछले दरवाजे से NRC कर रहा है, ऐसा सबसे पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने ही कहा था। उन्होंने कहा कि AIMIM के सदस्य BLO से मिलेंगे और पूछेंगे कि नेपाल, म्यांमार और बांग्लादेश के लोग किन इलाकों में रहते हैं? ताकि पार्टी के सदस्य उनसे मिले और सच का पता लगा सकें कि वे भारत के हैं या वाकई नेपाल, म्यांमार और बांग्लादेश के रहने वाले हैं। पार्टी के सदस्य चुनाव आयोग से यह भी जानना चाहते हैं कि साल 2003 के वोटर लिस्ट रिवीजन में बिहार में कितने विदेशी नागरिक मिले थे?
इंडिया ब्लॉक को लेकर क्या बोले ओवैसी?
असदुद्दीन ओवैसी ने इंडिया गठबंधन के नेताओं पर उन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया और कहा कि एकतरफा प्यार नहीं किया जा सकता। वे चाहते हैं कि हम गुलाम बनें और उनके पीछे-पीछे चलें, लेकिन ऐसा नहीं होगा। पिछले अनुभवों और पार्टी पर लगे आरोपों के कारण ही इंडिया ब्लॉक में शामिल होने का मन नहीं है। पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने तीसरा मोर्चा गठित करने का सुझाव दिया है, जिस पर विचार किया जा सकता है। जहां पार्टी की स्थिति मजबूत है, वहीं से बिहार चुनाव लड़ेंगे। AIMIM अपनी शर्तों पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने और तीसरा मोर्चा खड़ा करने के लिए तैयार है।
