उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री और सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने बिहार में बड़ा राजनीतिक एलान किया है। पटना में मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) में सम्मानजनक सीटें मिलीं तो वे गठबंधन के साथ रहेंगे, अन्यथा उनकी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अकेले 156 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
राजभर ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी भाजपा के शीर्ष नेताओं से उनकी बातचीत हुई थी और उन्होंने एक सीट की मांग की थी, लेकिन उस समय उन्हें आश्वासन दिया गया कि पार्टी के नेताओं को बोर्ड और निगमों में जगह दी जाएगी। परंतु अब तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है।
NDA में सम्मानजनक हिस्सेदारी की मांग
न्यूज़ 24 से खास बातचीत में राजभर ने कहा कि उनकी पार्टी की बिहार इकाई की एक अहम बैठक पटना में हो रही है, जिसमें राज्य के सभी 38 जिलों से कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करना है। उन्होंने बताया कि सीट बंटवारे को लेकर उनकी बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल से चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस पर निर्णय होगा।
56 विधानसभा सीटों पर हमारी पकड़- राजभर
राजभर ने कहा कि उन्होंने सीटों की संख्या को लेकर कोई सीधी डिमांड नहीं रखी है, लेकिन वे चाहते हैं कि एनडीए के साथ रहकर मजबूती से चुनाव लड़ा जाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार में 56 ऐसी विधानसभा सीटें हैं, जहां सुभासपा की मजबूत पकड़ है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में 26% आबादी अति पिछड़ी जातियों की है, लेकिन राजनीति में इनकी हिस्सेदारी न के बराबर है। इसलिए उन्हें भी राजनीतिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।
NDA से अलग होने का संकेत
यदि एनडीए में उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला, तो ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि उनकी पार्टी 156 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने के लिए तैयार है। उनका यह बयान बिहार की राजनीति में हलचल मचा सकता है, खासकर उस समय जब सभी दल 2025 के चुनावी समीकरणों को मजबूत करने में लगे हैं।
