वरिष्ठ नेता शनिवार को चेन्नई स्थित द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) के मुख्यालय अन्ना अरिवलयम पहुंचे, जहां उन्होंने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे की व्यवस्था पर चर्चा की। यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गठबंधन सहयोगी चुनाव से पहले औपचारिक विचार-विमर्श शुरू कर रहे हैं। इससे पहले शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडंकर ने पुष्टि की कि द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत जारी है।

 

मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि डीएमके नेतृत्व से मुलाकात के बाद वे आगे की जानकारी देंगे और लोगों से धैर्य रखने और अटकलों से बचने का आग्रह किया। चोडंकर ने कहा कि हम डीएमके नेतृत्व के साथ गठबंधन के संबंध में बैठक करेंगे। उसके बाद हम आगे की जानकारी दे पाएंगे। कृपया पहले से किसी भी बात पर अटकलें न लगाएं। तमिलनाडु में गठबंधन व्यवस्था को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच यह बयान आया है।

 

कांग्रेस और डीएमके नेतृत्व की बैठक के बाद सीट बंटवारे पर स्पष्टता आने की उम्मीद है। इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कोयंबटूर में पार्टी के पश्चिमी क्षेत्र के बूथ स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि डीएमके भाजपा के सामने कभी नहीं झुकेगी। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि तमिलनाडु के हितों की रक्षा की है।

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए स्टालिन ने सवाल उठाया कि चेन्नई को पूरी धनराशि दिए जाने के बावजूद कोयंबटूर के लिए मेट्रो रेल की मंजूरी क्यों नहीं दी गई। उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए एआईएडीएमके की भी आलोचना की। उन्होंने घोषणा की कि हम आपकी धमकियों के गुलाम नहीं हैं। हम नहीं डरेंगे। हम तमिलनाडु की जीत के लिए लड़ रहे हैं, और डीएमके भाजपा के सामने कभी नहीं झुकेगी।

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