पुलिस के एक कांस्टेबल से बंदूक के दम पर मोटरसाइकिल लूटने वाले दो लोग उत्तरी दिल्ली के वजीराबाद में पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह घटना 26 फरवरी को उस समय हुई जब कांस्टेबल दिनेश और संदीप आउटर रिंग रोड पर मोटरसाइकिल पर गश्त कर रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने मुकुंदपुर फ्लाईओवर के पास तेज गति से आ रही कार का पीछा किया और उसे रोकने में सफल रहे, तथा उसमें सवार तीन लोगों को वाहन की जांच कराने को कहा। उन्होंने कहा कि हालांकि, तीनों आरोपी बात मानने के बजाय अलग-अलग दिशाओं में भाग गए।
पुलिस के अनुसार, दिनेश ने पीछा किया और मोटरसाइकिल पर सवार होकर उनमें से एक को पकड़ लिया। अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध को काबू करने का प्रयास करते समय एक अन्य व्यक्ति ने दिनेश के सिर पर बंदूक तानकर उसे धमकाया तथा उससे उसके साथी को छोड़ने को कहा।
पुलिस के अनुसार, दिनेश ने उसकी बात मान ली और संदिग्ध अपनी कार छोड़कर मोटरसाइकिल पर भाग गए। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से दो चाकू और एक देसी पिस्तौल बरामद हुई।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बंथिया ने कहा, ‘‘लावारिस कार लक्ष्मी नगर निवासी सलमान के नाम पर पंजीकृत थी। सलमान को हरियाणा के सोनीपत से पकड़ा गया और पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि किशन नामक व्यक्ति ने उसके नाम पर कार खरीदी थी और उस पर कार चोरी होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनाया था।’’
अधिकारी ने कहा कि किशन के हरियाणा के करनाल के घरौंदा में होने का पता चला, लेकिन उसका फोन बंद था। उन्होंने बताया कि जांचकर्ताओं ने आखिरकार किशन की लोकेशन का पता लगाया और तिमारपुर के गांधी विहार के तारा चौक के पास जाल बिछाया।
पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों को देखा गया और उन्हें रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वे भागने की कोशिश करने लगे। इस दौरान उनकी मोटरसाइकिल फिसल गई और संदिग्धों ने पैदल भागने की कोशिश की।
अधिकारी ने बताया कि संदिग्धों ने पुलिस पर गोलियां चलाईं, जिसमें एक गोली पुलिसकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। उन्होंने कहा कि जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें दोनों संदिग्धों के पैर में गोली लगी। पुलिस के अनुसार, इन लोगों की पहचान इंतेज़ार कुरैशी (46) और किशन (31) के रूप में हुई। दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड है।