इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने ‘जॉली एलएलबी 3’ की रिलीज पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका को बृहस्पतिवार को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि ट्रेलर में वकीलों के खिलाफ कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं है।

यह आदेश न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति बृज राज सिंह की खंडपीठ ने जय वर्धन शुक्ला की याचिका पर पारित किया। अदालत ने याचिका में उठाई गई आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘हमने फिल्म के तीन आधिकारिक ट्रेलर/टीजर देखे हैं। इनमें ऐसा कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है, जिस पर न्यायालय के दखल की आवश्यकता हो।’’

अदालत ने यह भी कहा कि फिल्म के एक गाने ‘भाई वकील है’ के बोल भी देखे गए जिनमें भी ऐसा कुछ नहीं मिला जो वकीलों के खिलाफ हो या उनकी छवि को धूमिल करता हो।

याची की ओर से यह दलील दी गई थी कि फिल्म का ट्रेलर और गाने यूट्यूब और सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रसारित हो रहे हैं, जिससे अधिवक्ताओं की छवि को नुकसान पहुंच रहा है और न्यायपालिका की गरिमा प्रभावित हो रही है।

याचिका में यह भी कहा गया कि फिल्म की पिछली कड़ियों में भी वकीलों की नकारात्मक छवि प्रस्तुत की गई थी, जिससे लोग इस पेशे से विमुख हो रहे हैं और विधि छात्रों में मोहभंग उत्पन्न हो रहा है।

वहीं, याचिका का विरोध करते हुए डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एस. बी. पांडेय ने दलील दी कि याचिका विचारणीय नहीं है क्योंकि याची ने फिल्म के खिलाफ किसी सक्षम प्राधिकारी को कोई प्रत्यावेदन नहीं दिया, और सीधे यह याचिका दाखिल कर दी।

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