ईरानी सुरक्षा बलों ने सरकार के तीन आलोचकों को गिरफ्तार कर लिया है और एक अन्य को तलब किया है तथा उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए हैं। मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी। निजी एवं सुधार-समर्थक दैनिक समाचार पत्र ‘शार्घ’ सहित ईरानी मीडिया संस्थानों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में 61 वर्षीय पत्रकार परवेज सेदाघाट, समाजशास्त्री महसा असदुल्लाहनेजाद और अनुवादक शिरीन करीमी के घरों पर छापे मारे।

शार्घ ने कहा कि प्राधिकारियों ने 53 वर्षीय अर्थशास्त्री मोहम्मद मालजौ के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए और उन्हें सुरक्षा अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए बुलाया। उसने कहा कि सुरक्षा अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए स्वेच्छा से घर से निकलने के बाद से मालजौ के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। ऐसा बताया जाता है कि ये चारों इस्लामी गणराज्य की धर्मतंत्रीय शासन प्रणाली के वामपंथी आलोचक हैं।

हाल के वर्षों में यह पहली बार है जब वामपंथी शोधकर्ताओं को सामूहिक रूप से हिरासत में लिया गया है। बहरहाल, देश में असंतुष्टों को गिरफ्तार करने का एक लंबा इतिहास रहा है। ईरान के सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया संस्थानों ने इन गिरफ्तारियों को लेकर तत्काल कोई खबर नहीं दी। मालजौ ने टेलीग्राम पर अपनी हालिया पोस्ट में लोगों से ‘‘युद्ध और अलगाव” का विरोध करने और ईरान के ‘‘अलोकतांत्रिक” धर्मतंत्र को भंग करने के लिए काम करने का आग्रह किया था।  

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उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के खैरीघाट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम तेंदुए के हमले में सात वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर किया गया है। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, खैरीघाट थाना क्षेत्र के बाजपुरवा गांव में शाम करीब पांच बजे आफरीन (7), पुत्री तसव्वर, अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान झाड़ियों से निकले तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बच्ची अस्पताल में भर्ती बच्ची की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और शोर मचाते हुए लाठी-डंडों के साथ तेंदुए की ओर बढ़े, जिसके बाद जंगली जानवर वहां से भाग गया। ग्रामीणों ने घायल बच्ची को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। सीएचसी शिवपुर के चिकित्सक डॉ. विकास सिंह ने बताया कि बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई थी। उसकी स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। गांव में दहशत का माहौल घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष गुप्ता ने बताया कि टीम द्वारा क्षेत्र में जांच की जा रही है। रात का समय होने के कारण तेंदुए के स्पष्ट पगचिह्न नहीं मिल सके हैं, लेकिन इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और आसपास के जंगल व झाड़ियों की निगरानी की जा रही है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और नियमित गश्त कराने की मांग की है। वन विभाग ने लोगों से बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और शाम के समय विशेष सतकर्ता बरतने की अपील की है।

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