बिहार की सियासत इन दिनों एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के अगले कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है। सूत्रों का दावा है कि जेडीयू (JDU) और बीजेपी (BJP) के बीच सत्ता की नई साझेदारी को लेकर एक ‘सीक्रेट फॉर्मूला’ तैयार कर लिया गया है, जिसके तहत अप्रैल के पहले पखवाड़े में बिहार को नया नेतृत्व मिल सकता है।

इस्तीफे की तारीख और नई भूमिका 

वर्तमान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीमांचल और कोसी क्षेत्र के दौरे पर हैं। जानकारों के मुताबिक, 26 मार्च को यह दौरा समाप्त होने के बाद राज्य की राजनीति में गतिविधियां तेज होंगी। चर्चा है कि 8 या 9 अप्रैल के आसपास नीतीश कुमार अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि वे भविष्य में राज्यसभा सदस्य के रूप में दिल्ली की राजनीति में नई भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए उन्हें बिहार विधान परिषद की सदस्यता छोड़नी होगी। हालांकि संवैधानिक रूप से वे राज्यसभा सांसद रहते हुए भी सीएम पद पर रह सकते हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वे स्वेच्छा से नए नेतृत्व को मौका देना चाहते हैं।

निशांत कुमार की एंट्री और नेतृत्व का नया चेहरा 

इस सियासी बदलाव में सबसे चौंकाने वाला नाम निशांत कुमार का है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सत्ता के नए समीकरणों में नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की औपचारिक राजनीति में एंट्री हो सकती है। इसके साथ ही, उपमुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार के बेहद भरोसेमंद और वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है।

बीजेपी की गृह विभाग पर नजर 

नए फॉर्मूले के तहत भारतीय जनता पार्टी (BJP) बिहार में पहले से ज्यादा मजबूत भूमिका में नजर आ सकती है। सूत्रों के अनुसार:

गृह विभाग: चर्चा है कि गृह विभाग एक बार फिर बीजेपी के खाते में जा सकता है, जो राज्य की कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण के लिहाज से काफी अहम है।

मुख्यमंत्री की दौड़: बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए सम्राट चौधरी, संजीव चौरसिया और प्रेम कुमार जैसे कद्दावर नेताओं के नामों पर मंथन चल रहा है।

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