मिडिल ईस्ट में इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष अब खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। दोनों देशों के बीच सीधा सैन्य टकराव तेज हो गया है, जिसमें हवाई हमले, मिसाइल स्ट्राइक और जवाबी कार्रवाई लगातार जारी है। हालात क्षेत्रीय युद्ध की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। इजराइल की वायुसेना Israeli Air Force ने दावा किया है कि उसने तेहरान में “वाइड-स्केल एयरस्ट्राइक” को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। IAF के मुताबिक, इस ऑपरेशन में ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
חיל-האוויר השלים מטס תקיפה רחב בטהרן: הותקפו מפקדות של משטר הטרור האיראני
במסגרת מטס תקיפה נרחב בטהרן אתמול (ג’), חיל-האוויר תקף בהכוונת אמ”ן מפקדות, אתרים של מערך הטילים הבליסטיים ותשתיות נוספות של משטר הטרור האיראני.
בין המפקדות שהותקפו בטהרן:
• מפקדת יחידת הביטחון של… pic.twitter.com/RaMq9Jo3gp — Israeli Air Force (@IAFsite) March 18, 2026
IAF ने बताया कि हमले में कमांड सेंटर, बैलिस्टिक मिसाइल ठिकाने, सुरक्षा और लॉजिस्टिक हेडक्वार्टर को निशाना बनाया गया। हमलों में Islamic Revolutionary Guard Corps से जुड़े ठिकानों को भी नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है। इजराइल ने कहा कि उसने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम पर भी हमला किया, ताकि “ईरानी आसमान में अपनी बढ़त (एयर सुप्रीमेसी) मजबूत की जा सके।”
इसके जवाब में Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने “Operation True Promise 4” के तहत इजराइल पर बड़ा हमला किया।ईरानी फोर्स IRGC ने इजराइल के तेल अवीव में 100+ ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। इनमें मल्टी-वारहेड मिसाइलों का इस्तेमाल और कई सैन्य और सुरक्षा ठिकानों पर हमले शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने खोर्रमशहर-4, क़द्र मिसाइल, इमाद और खैबर शेकन जैसी एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल किया। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक 230 से ज्यादा लोग मारे गए या घायल हुए हैं। तेल अवीव में आंशिक ब्लैकआउट है जिस कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कतर, बहरीन, UAE, कुवैत और सऊदी अरब में अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया जिससे पूरे गल्फ क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
