तेलंगाना में कांग्रेस सरकार द्वारा मुसलमानों को पिछड़ा वर्ग (बीसी) सूची में शामिल करने के प्रस्ताव पर सियासी माहौल गरमा गया है। इस फैसले को लेकर बीजेपी नेता बंडी संजय ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बीसी समुदाय को कमजोर करने के लिए यह कदम उठाया है। इस मुद्दे ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस शुरू कर दी है और जमकर हंगामा देखने को मिल रहा है, जिसमें बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक  भी देखने को मिल रही है। बंडी संजय ने कहा, “कांग्रेस को यह अधिकार नहीं है कि वह मुसलमानों को बीसी सूची में शामिल कर दे। क्या यह उनकी निजी संपत्ति है?” उन्होंने कांग्रेस पर यह आरोप भी लगाया कि वह वोट बैंक की राजनीति कर रही है और विभिन्न समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की नीतियां बीसी समुदाय के खिलाफ हैं और यह उन्हें कमजोर करने की साजिश के रूप में देखी जा रही है।

ग्रेटर हैदराबाद चुनावों का उदाहरण

बंडी संजय ने ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) चुनावों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि मुसलमानों ने बीसी आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ा और हिंदू समुदाय के अधिकारों का उल्लंघन किया। उनका कहना है कि अगर मुसलमानों को बीसी सूची में शामिल किया जाता है तो वे राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों में भी बीसी आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं, जिससे अन्य समुदायों के साथ नाइंसाफी हो सकती है।

आंकड़ों में हेरफेर का आरोप

बंडी संजय ने कांग्रेस सरकार पर बीसी समुदाय के आंकड़ों में हेरफेर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के समय किए गए एसकेएस सर्वे में बीसी समुदाय की संख्या 51% थी, लेकिन रेवंत रेड्डी द्वारा किए गए जाति सर्वे में यह संख्या घटकर 46% हो गई। इसके अलावा, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राज्य के कुल मतदाता संख्या में भी 60 लाख लोगों को जानबूझकर शामिल नहीं किया गया।

बीजेपी का विरोध और आंदोलन

बीजेपी ने कांग्रेस सरकार के इस फैसले के खिलाफ राज्यभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। बंडी संजय ने बीसी समुदाय और हिंदू समाज से एकजुट होकर कांग्रेस को जवाब देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस फैसले से बीसी समुदाय का हक छिन जाएगा और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बीजेपी के विरोध प्रदर्शन आने वाले दिनों में और तेज हो सकते हैं, जिससे राज्य की राजनीति और भी गरमा सकती है।

 

 

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