भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। पार्टी प्रदेश भाजपा संगठन को मजबूत करने में जुट गई है। नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी अभी बचे हुए 14 जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करना है।

पहले होगी जिलाध्यक्षों की नियुक्ति 
बता दें कि प्रदेश में कुल 98 जिले हैं, जिनमें से अब तक 84 जिलों में जिलाध्यक्ष बनाए जा चुके हैं और 14 जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करना अभी बाकी है। सूत्रों के मुताबिक, पहले इन 14 जिलों में नियुक्ति पूरी की जाएगी। इसके बाद प्रदेश और क्षेत्रीय स्तर पर संगठन में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। 

क्यों नहीं हो सकी थी जिलाध्यक्षों की नियुक्ति 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पहले से 84 जिलों में जो जिलाध्यक्ष नियुक्त किए गए है, उन्हें लेकर भी कई सवाल उठ रहे है, जिसके चलते अंदरूनी खींचतान को संभालना भी नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए चुनौती बना हुआ है। गौरतलब है कि संगठन चुनाव अधिकारी डॉ. महेंद्र नाथ पांडे ने दो चरणों में 84 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की थी। लेकिन जनप्रतिनिधियों के बीच सहमति न बनने और आपसी मतभेदों के कारण 14 जिलों में नियुक्ति नहीं हो सकी। 

इन जिलों में नियुक्ति बाकी 
जिन जिलों में अभी जिलाध्यक्ष नहीं बन पाए उनमें प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी शामिल है। वाराणसी के साथ-साथ अंबेडकरनगर, गोंडा, अयोध्या जिला व महानगर, वाराणसी जिला, चंदौली, मिर्जापुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, लखीमपुर, पीलीभीत, शामली, सहारनपुर और अमरोहा शामिल हैं। इन जिलों में विधायकों और दावेदारों के बीच मतभेद के कारण सहमति नहीं बन पाई थी।

नए पैनल पर होगा फैसला
सूत्रों का कहना है कि इन 14 जिलों के लिए क्षेत्रीय संगठनों से तीन-तीन नामों के नए पैनल मांगे गए हैं। पुराने पैनल होने के बावजूद पंकज चौधरी ने नए नाम भेजने को कहा है। अंतिम निर्णय के बाद जिलाध्यक्षों की घोषणा होगी और इसके बाद प्रदेश व क्षेत्रीय संगठन में बड़े बदलाव की प्रक्रिया शुरू होगी।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights