एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI171 दुर्घटना का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन नामक एक गैर-सरकारी संगठन ने एक याचिका दायर कर दुर्घटना की चल रही जाँच पर गंभीर चिंता जताई है। एनजीओ ने आरोप लगाया है कि जाँच में निष्पक्षता का अभाव है और शुरुआत से ही पक्षपात के संकेत दिखाई दे रहे हैं। अपनी याचिका में, फाउंडेशन ने माँग की है कि जाँच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में की जाए और उड़ान से जुड़े सभी आँकड़े सार्वजनिक किए जाएँ।

एनजीओ द्वारा की गई प्रमुख माँगें

– उड़ान डेटा रिकॉर्डर की पूरी जानकारी का खुलासा

– कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की पूरी प्रतिलिपि, सटीक समय सहित

– इलेक्ट्रॉनिक फॉल्ट रिकॉर्डिंग और तकनीकी खराबी की सभी रिपोर्टों का सार्वजनिक प्रकाशन

एनजीओ ने अदालत की निगरानी में जाँच की माँग की

एनजीओ ने आगे दावा किया है कि प्रारंभिक जाँच के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की गई, जिनमें ईंधन स्विच की खराबी, विद्युत दोष, रैम एयर टर्बाइन (आरएटी) का संचालन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक विसंगतियाँ शामिल हैं। याचिका में उठाई गई एक और बड़ी चिंता कथित हितों के टकराव की है – जाँच दल में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारी शामिल हैं, जिस पर स्वयं विमानन सुरक्षा में लापरवाही के आरोप हैं। एनजीओ ने ज़ोर देकर कहा कि जाँच पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए और अदालत द्वारा इसकी निगरानी की जानी चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।

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