झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को केंद्र और असम में सत्ता में बैठे लोगों पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वे “राजनीतिज्ञ नहीं, बल्कि व्यापारी” हैं और आदिवासी समुदाय को हाशिये पर धकेलकर केवल संसाधनों के दोहन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। असम के तिनसुकिया में आदिवासियों की एक सभा को संबोधित करते हुए सोरेन ने कहा कि चुनावी राज्य असम में चाय जनजातियों को राज्य की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने के बावजूद उपेक्षित किया जा रहा है।
सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संबोधन का हवाला देते हुए लिखा, “देश और असम में सत्ता में बैठे लोग राजनीतिज्ञ नहीं, व्यापारी हैं। वे सिर्फ लेना जानते हैं, देना नहीं। ऐसे में आदिवासियों का एकजुट रहना जरूरी है।”

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज आत्मसम्मान के साथ जीने वाला समाज है और आंखों में आंखें डालकर चलने में विश्वास रखता है। सोरेन ने कहा, “इन्हीं लोगों (केंद्र और असम में सत्ता में बैठे लोग) ने मुझे जेल भेजा था। मैंने तब कहा था कि अगर मैं आगे आया, तो उनकी गले की हड्डी बनूंगा।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights