सहारनपुर(मनीष अग्रवाल)।

जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देशानुसार जनपद में ड्रोन आधारित वॉल्युमेट्रिक एनालिसिस (खनिज मात्रा की गणना) द्वारा क्रशर इकाइयों की निगरानी प्रारंभ कर दी गयी है। खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नियंत्रण एवं सख्त निगरानी हेतु ड्रोन आधारित वॉल्युमेट्रिक विश्लेषण प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। इससे सभी स्टोन क्रशर इकाइयों द्वारा संग्रहित खनिज सामग्री जैसे आर.बी.एम., गिट्टी आदि की मात्रा का सटीक और वैज्ञानिक पद्धति से आंकलन किया जा रहा है।जिलाधिकारी ने बताया कि ड्रोन सर्वेक्षण से प्राप्त डेटा का वॉल्युमेट्रिक एनालिसिस खनिज मात्रा की गणना के माध्यम से मूल्यांकन किया जाएगा। यह डिजिटल साक्ष्य के रूप में संग्रहित होगा और नियमानुसार सख्त कार्यवाही हेतु आधार बनेगा। यदि किसी क्रशर इकाई पर निर्धारित मात्रा से अधिक खनिज सामग्री संग्रहित पाई जाती है, तो संबंधित क्रशर स्वामी के विरुद्ध प्रचलित खनन अधिनियमों के अंतर्गत कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी तथा अधिकतम जुर्माना वसूला जाएगा। डीएम मनीष बंसल ने बताया कि ड्रोन आधारित यह सर्वे पुख्ता डिजिटल प्रमाण प्रदान करेगा, जिसे भविष्य में किसी भी स्तर पर पुनः जांच की आवश्यकता नहीं होगी। हाल के दिनों में कई क्रशर स्वामियों द्वारा पुनः निरीक्षण की मांग की जाती रही है, परंतु अब यह तकनीक उन्हें उत्तरदायी ठहराने हेतु एकमात्र साक्ष्य के रूप में प्रयुक्त की जाएगी। यह पहल अवैध खनन की रोकथाम, नियंत्रण से अधिक भंडारण पर निगरानी, तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में जिला प्रशासन का एक निर्णायक कदम ह।

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