एशिया कप 2025 के फाइनल में 28 सितंबर को मिली हार के बाद पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा ने ऐलान किया कि उनकी पूरी मैच फीस उन नागरिकों और बच्चों को दी जाएगी जो हाल की भारत की कार्रवाइयों में मारे गए। इस बयान ने क्रिकेट जगत और फैंस के बीच सवाल खड़े कर दिए कि क्या पाकिस्तानी टीम भी अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवादियों के साथ खड़ी है।

ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ

पाकिस्तान के नियंत्रण वाले इलाके में पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें लगभग 100 आतंकी मारे गए, और जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के परिवार के 10–14 सदस्य भी इसमें मारे गए। सलमान आगा का बयान इसी घटनाक्रम से जुड़ा माना जा रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे अपनी मैच फीस आतंकियों के परिवारों की मदद के लिए देना चाहते हैं।

हैंडशेक और ट्रॉफी विवाद

सलमान आगा ने हार के बाद हैंडशेक विवाद और एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी न लेने को लेकर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनकी बेइज्जती नहीं, बल्कि क्रिकेट खेल का भी अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर दूसरी टीमें भी ऐसा करना शुरू करें, तो इसकी सीमा क्या होगी। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को रोल मॉडल माना जाता है और उनका व्यवहार बच्चों पर असर डालता है।

भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का रुख

टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने हार के बाद कहा कि व्यक्तिगत रूप से वे अपनी मैच फीस भारतीय सेना को देना चाहते हैं. उन्होंने साफ किया कि ट्रॉफी भारतीय टीम की हकदार थी और मोहसिन नकवी से ट्रॉफी न लेने का निर्णय पूरी टीम का था।

ट्रॉफी और मेडल विवाद

मैच के बाद एशिया कप ट्रॉफी और मेडल मोहसिन नकवी ने अपने साथ होटल ले गए, जिस पर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कड़ी नाराजगी जताई। बीसीसीआई ने स्पष्ट किया कि ट्रॉफी भारतीय टीम की हकदार थी और इसे रोकना किसी की जिम्मेदारी नहीं है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights