राज्यसभा सांसद और शिवसेना उद्धव गुट की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत और अमेरिका की ट्रेड डील के बाद बड़ा दावा किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया साइट ट्रुथ पर किए गए पोस्ट का हवाला देते हुे उन्होंने डील पर सवाल उठाए हैं.
भारत अमेरिका ट्रेड डील पर शिवसेना उद्धव गुट की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा – यह डील इंडिया के हित में नहीं है. क्या यह डील जनता के फेवर में है या नहीं यह हम देश की जनता के ऊपर तय करते हैं. भारत वेनेजुएला का तेल खरीदने पर सहमत हुआ है और रूसी तेल और ईरान से तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हुआ है इससे किसका नुकसान होगा.
प्रियंका ने लिखा कि तो POTUS की पोस्ट से मुझे भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के बारे में जो पता चला है वो यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति (POTUS) की पोस्ट से भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर जो बात समझ आती है, वह कुछ इस तरह है- भारत पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है. इसके बदले भारत अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर को शून्य तक लाने पर सहमत होता दिख रहा है. साथ ही भारत रूसी तेल की खरीद रोकने पर भी राजी होने की बात सामने आती है.
प्रियंका ने लिखा कि पोस्ट में सीधे तौर पर ज़िक्र नहीं है, लेकिन बजट के दिन किए गए पहले के दावे के मुताबिक ईरान के कच्चे तेल पर भी यही रुख अपनाया जा सकता है. इसके उलट भारत वेनेजुएला से तेल खरीदने पर सहमत होने की बात कही जा रही है, जबकि भारत के कुल कच्चे तेल आयात में इसका हिस्सा पहले से ही करीब 10 प्रतिशत के आसपास बताया जाता है.
प्रियंका ने लिखा ‘तो बहुत भोले हैं आप…’
सांसद ने लिखा कि इसके अलावा अमेरिकी एलपीजी के आयात के लिए भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियों से जुड़े समझौते, और SHANTI बिल 2025 को पास करना- जिससे न्यूक्लियर पावर सेक्टर के ऑपरेशंस में निजी कंपनियों की एंट्री संभव होगी. यह अमेरिकी मांगों को पूरा करने की दिशा में कदम माने जा रहे हैं.
उन्होंने लिखा कि दावा यह भी है कि इस ट्रेड डील के तहत भारत अमेरिका से ऊर्जा, कृषि, कोयला और अन्य उत्पादों की करीब 500 अरब डॉलर की खरीद करेगा, जबकि अभी 2024 में अमेरिका से भारत का वस्तु निर्यात लगभग 41.5 अरब डॉलर और सेवाओं का निर्यात करीब 41.8 अरब डॉलर रहा है. शायद यही वजह है कि भारत में इस समझौते को लेकर उत्साह तो दिखता है, लेकिन जश्न थोड़ा दबा-दबा और जानकारी सीमित नजर आ रही है.
एक अन्य पोस्ट में प्रियंका ने लिखा कि जो कोई भी सोचता है कि यह भारत के लिए एक बहुत अच्छी डील है तो वो बहुत भोले लोग हैं.
