अमेरिका के टेक्सास में पिछले दिनों भगवान हनुमान जी की 90 फीट की विशाल मूर्ति स्थापित की गई. इस मूर्ति को स्टैचू ऑफ यूनियन का नाम दिया गया है. अब टेक्सास के रिपब्लिकन पार्टी के नेता ने भगवान हनुमान की इस मूर्ति को लेकर आलोचना की है. जिसके बाद से टेक्सास में विवाद छिड़ गया है. रिपब्लिक नेता अलेक्जेंडर डंकन ने हिन्दू देवता की इस मूर्ति पर आपत्ति जताते हुए कहा कि हम ईसाई राष्ट्र हैं तो ऐसे में एक झूठे हिन्दू भगवान की इतनी विशाल मूर्ति लगाने की इजाजत क्यों दे रहे हैं?
रिपब्लिकन नेता डंकन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा, ‘हम टेक्सास में एक झूठे हिंदू भगवान की झूठी मूर्ति को क्यों अनुमति दे रहे हैं? हम एक ईसाई राष्ट्र हैं.’ रिपब्लिकन नेता ने इस पोस्ट में भगवान हनुमान जी के साथ में टेक्सास के शुगर लैंड शहर में श्री अष्टलक्ष्मी मंदिर में स्थित मूर्ति का वीडियो भी शेयर किया. एक्स पर की गई एक अन्य पोस्ट में रिपब्लिकन नेता ने बाइबिल का हवाला देते हुए कहा, ‘तुम्हें मेरे अलावा कोई अन्य भगवान नहीं रखना चाहिए. तुम्हें अपने लिए किसी भी प्रकार की मूर्ति या आकाश, पृथ्वी या समुद्र में किसी भी चीज की छवि नहीं बनानी चाहिए.’
Hello @TexasGOP, will you be disciplining your senate candidate from your party who openly contravenes your own guidelines against discrimination—displaying some pretty sordid anti-Hindu hate—not to mention disrespect for the 1st Amendment’s Establishment Clause? https://t.co/5LItlu7Zu2 pic.twitter.com/oqZkZozUBR
— Hindu American Foundation (@HinduAmerican) September 22, 2025
रिपब्लिकन पार्टी के नेता के बयान के बाद मचा घमासान
रिपब्लिकन पार्टी के नेता डंकन की हिन्दू देवी-देवताओं पर दिए गए विवादित बयान के बाद सोशल मीडिया पर तुरंत इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई. हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (एचएएफ) ने रिपब्लिकन पार्टी के नेता के इस बयान को ‘हिंदू-विरोधी और भड़काऊ’ करार दिया. एचएएफ ने इस घटना को टेक्सास में रिपब्लिकन पार्टी को औपचारिक रूप से रिपोर्ट किया और इस मामले को संबोधित करने का आग्रह किया.
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन किया पलटवार
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने पोस्ट किया, ‘हैलो @TexasGOP क्या आप अपनी पार्टी के सीनेट उम्मीदवार को अनुशासित करेंगे. जो खुले तौर पर आपकी भेदभाव-विरोधी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करता है और हिंदू-विरोधी घृणा प्रदर्शित करता है. साथ ही प्रथम संशोधन के स्थापना खंड का अनादर करता है?’ इसके बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने रिपब्लिकन नेता की खिंचाई करते हुए उन्हें अमेरिकी संविधान की याद दिलाई.
