हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होना है. इससे पहले कांग्रेस पार्टी को अपने विधायकों के कुनबे में सेंधमारी का खतरा महसूस हो रहा है. फिलहाल दोनों सीटों पर बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं. बीजेपी के पास तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन समेत कुल 51 वोट माने जा रहे हैं. संख्या बल के आधार पर एक सीट पर बीजेपी की तो दूसरी सीट पर कांग्रेस की जीत तय मानी जा रही है. अपनी सीट सुरक्षित करने के लिए कांग्रेस भी कोई कसर नहीं छोड़ रही है. इसलिए हरियाणा कांग्रेस ने विधायकों को शिमला में शिफ्ट किया है.
चंडीगढ़ में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के घर पर हुई बैठक के बाद करीब 31 विधायकों को 3 लग्जरी टेंपो ट्रैवलर में बिठाकर शिमला रवाना किया गया था. सभी विधायक शुक्रवार रात करीब नौ बजे अपने डेस्टिनेशन पर पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री सुक्खू की सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं.
हरियाणा में क्या है स्थिति?
बीजेपी कैंडिडेट संजय भाटिया की जीत एकदम आसान दिख रही है. ऐसा इसलिए है क्योंकि हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं. यहां राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 31 विधायकों के वोटों की जरूरत होती है. बीजेपी के पास 48 विधायक हैं. बीजेपी को 3 निर्दलीय विधायकों का समर्थन है. संजय भाटिया के चुनाव जीतने के बाद भी बीजेपी के पास करीब 20 वोट बचते हैं.
