ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की रविवार (1 मार्च) को मौत की खबर ने हड़कंप मचा दिया है. इस बीच दुनियाभर के लोगों में जमकर गुस्सा देखने को मिल रह है. ऐसे में भारत के लोग अब अयातुल्ला खामेनेई के समर्थन में सड़कों पर हैं. इस बीच उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम नेता असीम वकार की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है.
वीडियो बयान जारी कर असीम वकार ने कहा कि जबसे अली खामेनेई की शहादत की खबर सुनी है. तबसे मेरे दिल में तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि इसमें सिर्फ ट्रंप और नेतन्याहू ही शामिल नहीं हैं बल्कि इसमें वो लोग भी शामिल हैं जो अपने आपको मुसलमान कहते हैं और उसके बाद अपने एयरबेस और अपनी जगह देकर ईरान पर हमला कराया.
‘ईरान एक शिया मुल्क है’
असीम वकार ने आगे कहा कि कुछ लोग यह भी कहते थे और आज भी कहते हैं कि ईरान एक शिया मुल्क है. अली खामेनेई को शिया बताकर उनका विरोध कर उनके दुश्मनों का साथ देकर जितने लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है उनसे मेरा एक सवाल है. असीम वकार ने पूछा कि अगर अली खामेनेई शिया हैं, शिया थे इस वजह से तुम लोग विरोध में है तो क्या नेतन्याहू और ट्रंप को कट्टर सुन्नी मानते हो.
उन्होंने आगे कहा कि इसलिए तुमने उनका साथ दिया. या फिर दुनिया के सामने यह मान लिया जाए कि जिन लोगों ने मुसलमान होने के बावजूद भी नेतन्याहू और ट्रंप का साथ देकर अली खामेनेई को शहीद करवाया है. क्यों न मैं उन लोगों को यह मान लूं कि वे यहूदी और नसारा हो गए हैं, या उसी नस्ल से हैं.
मेरा दिल रो रहा है- असीम वकार
उन्होंने आगे कहा कि मैं आप लोगों से सवाल कर रहा हूं. इस वक्त मेरा दिल रो रहा है. हम लोगों ने एक बहुत बड़ा कौम का रहबर, एक जंगजू और न झुकने वाला शख्स खो दिया है. अल्लाह हमको माफ नहीं करेगा. उन्होंने आगे कहा कि आप लोगों से उम्मीद है कि सवाल पूछना अगर कोई कहे कि ईरान शिया मुल्क है तो पूछना अमेरिका और ईरान को सुन्नी मुल्क मानते हो?
उन्होंने आगे कहा कि मैं सैयद अली खामेनेई को सलाम पेश करता हूं. अल्लाह को उनको जन्नत में आला मकाम दें. साथ ही हम सबको उनकी राह पर चलने की तौफीक अता फरमाए. बता दें कि देशभर के शिया ही नहीं बल्कि सभी मुस्लिमों की तरफ से एकजुटता के साथ अली खामेनेई की मौत और ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमले का पुरजोर विरोध किया जा रहा है.
